रायपुर,3 मई (आरएनएस) । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस टीम ने बीते 30 अप्रैल 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 के तहत राज्य के रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कुल 13 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।ईडी की टीम ने जिन ठिकानों पर कार्रवाई की, वे शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े थे। इन पर शराब घोटाले से अर्जित अवैध धनराशि (क्कह्म्शष्द्गद्गस्रह्य को प्राप्त करने, संभालने, छिपाने या खपाने का संदेह है।छापेमारी के दौरान ईडी ने 53 लाख रुपये नगद और करीब 3.234 किलोग्राम सोना एवं बुलियन जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है। कुल मिलाकर लगभग 5.39 करोड़ रुपये की नगदी और कीमती सामान जब्त किया गया है। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और डेटा भी बरामद किए गए हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है।ईडी ने बताया कि वह आर्थिक अपराध शाखा ( और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (्रष्टक्च), रायपुर द्वारा दर्ज मूल एफआईआर के आधार पर 2002 के तहत छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही है। जांच में एक सुनियोजित और संगठित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब डिस्टिलर, स्नरु-10्र लाइसेंसधारी और उनके सहयोगी शामिल थे। यह नेटवर्क वर्ष 2019 से 2022 के दौरान छत्तीसगढ़ में शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री के बदले अवैध कमीशन वसूलने में सक्रिय था। श्वह्रङ्ख/्रष्टक्च द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, इस घोटाले से अब तक लगभग 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई होने का अनुमान लगाया गया है।जांच के दौरान श्वष्ठ अब तक मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (क्करूरु्र), 2002 की धारा 19 के तहत 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक सेवानिवृत्त ढ्ढ्रस् अधिकारी, तत्कालीन ष्टस्रूष्टरु के प्रबंध निदेशक (रूष्ठ), तत्कालीन आबकारी आयुक्त, पूर्व आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है, जिसमें शराब निर्माता, नगदी का लेन-देन संभालने वाले, हवाला नेटवर्क के जरिए धन पहुंचाने वाले, स्नरु-10्र लाइसेंसधारी और राजनीतिक सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
त्रिपाठी
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