बिलासपुर,3 मई (आरएनएस)। के सरकंडा थाना क्षेत्र में मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और सुलह के लिए पहुंचे युवकों पर ऐसा हमला हुआ कि एक की जान चली गई, घटना 2 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे मोपका चौक स्थित कलकत्ता स्वीट्स के सामने हुई जहां ओम प्रकाश यादव अपने साथियों अभिषेक यादव, पंकज साहू और अजय साहू के साथ पुराने विवाद को खत्म करने के इरादे से अजीत सूर्यवंशी और उसके साथियों से मिलने पहुंचा था, लेकिन बातचीत शुरू होते ही माहौल गरमाया, गाली-गलौज हुई और देखते ही देखते विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया, इसी दौरान आशीष सूर्यवंशी पिता सुखदेव सूर्यवंशी उम्र 22 साल निवासी तोरवा रोड सुरेंद्र गैरेज के सामने किराये का मकान मोपका ने अपनी कमर में छुपाकर रखा धारदार चाकू निकाला और सीधे अभिषेक यादव के गले पर वार कर दिया, वार इतना खतरनाक था कि गला सामने से कट गया और अभिषेक मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा, वहीं ओम प्रकाश यादव को भी बेरहमी से पीटा गया जिससे उसके गले और हाथ में गंभीर चोटें आईं, घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए, घायल अभिषेक यादव और ओम प्रकाश यादव को उनके दोस्तों ने तत्काल अपोलो अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने अभिषेक यादव को मृत घोषित कर दिया, घटना की सूचना मिलते ही प्रार्थी अभय यादव पिता संतोष यादव उम्र 19 वर्ष निवासी गुड़ीपारा संतोषी चौक मोपका ने थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई, मामला दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्काल एक्शन लिया गया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में मोपका चौकी प्रभारी ओपी कुर्रे और ्रष्टष्ट टीम की संयुक्त टीम बनाई गई, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और लगातार दबिश के जरिए कुछ ही घंटों में आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से घेराबंदी कर पकड़ लिया, गिरफ्तार आरोपियों में आशीष सूर्यवंशी, महावीर सूर्यवंशी पिता संतराम सूर्यवंशी उम्र 23 साल निवासी तोरवा रोड मोपका, रघुवीर सूर्यवंशी पिता संतराम सूर्यवंशी उम्र 26 वर्ष निवासी वही पता शामिल हैं, साथ ही इस वारदात में शामिल दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लिया गया है, पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू भी बरामद कर लिया है और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है, यह घटना साफ संकेत देती है कि छोटी-सी कहासुनी अगर समय रहते नहीं संभाली जाए तो वह पलभर में जानलेवा बन सकती है और बहरहाल सरकंडा पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया कि अपराध के बाद बच निकलना अब आसान नहीं रहा।
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