कोलकाता,03 मई (आरएनएस)। राज्य के 77 केंद्रों पर मतगणना होगी. व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल के चलते 294 सीटों वाली विधानसभा में से 293 सीटों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया है, जिसका कारण बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान गंभीर चुनावी अपराध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया गया है. इस सीट पर नए सिरे से मतदान और मतगणना क्रमश: 21 मई और 24 मई को होगी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 294 में से 200 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया है. जबकि भाजपा का कहना है कि इस बार उनकी सरकार बनने की पूरी उम्मीद है.
टीएमसी और भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा ने मिलकर चुनाव लड़ा है. टीएमसी ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, जबकि तीन सीटों पर बीजीपीएम ने उम्मीदवार उतारे. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान हुए थे. 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को. एग्जिट पोल प.बंगाल को लेकर बंटा हुआ दिख रहा है. कुछ ने भाजपा की जीत, तो कुछ ने टीएमसी की जीत का दावा किया है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 2021 और 2024 के एग्जिट पोल भी वास्तविक परिणामों से काफी अलग रहे थे और अधिकांश ऐसे सर्वे शेयर बाजार को प्रभावित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं. बनर्जी ने कहा कि यदि किसी सीट पर तृणमूल उम्मीदवार 200-300 मतों के अंतर से हारता है, तो मतगणना एजेंट पुनर्गणना की मांग अवश्य करें. उन्होंने निर्देश दिया, कोई भी एजेंट मतगणना प्रक्रिया पूरी होने से पहले केंद्र नहीं छोड़े.
अभिषेक ने मतगणना एजेंटों को 2021 में नंदीग्राम मतगणना केंद्र पर अचानक बिजली गुल होने की घटना याद दिलाते हुए कहा, वे (एजेंट)मतगणना केंद्रों के भीतर किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत पार्टी नेतृत्व को सूचना दें.
चुनाव निगरानी संस्था के अनुसार स्वतंत्रता के बाद से राज्य में अब तक की सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते चुनावी हिंसा न्यूनतम रही और हाल के दशकों में राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार कोई मौत नहीं हुई. यह 20 वर्षों में राज्य में आयोजित पहला चुनाव था, जो व्यापक, मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के बाद हुआ. 90 लाख से अधिक मतदाताओं को हटा दिया गया था. इस प्रक्रिया का सभी दलों के चुनावी भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर अभी भी बहस जारी है, जिससे चुनाव विश्लेषक मतदाताओं की संभावित पसंद को समझने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं और जनता परिणाम के दिन आने वाले फैसले को लेकर बेहद उत्साहित है.
भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चा ने सभी 294 सीटों पर चुनाव प्रचार किया, जबकि हुमायूं कबीर की एजेयूपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम जैसी पार्टियां भी कुछ अहम सीटों पर अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश कर रही हैं. दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, रूपा गांगुली और निशित प्रमाणिक जैसे भाजपा नेता चुनाव मैदान में हैं, जबकि टीएमसी के प्रमुख उम्मीदवारों में फिरहाद हकीम, कुणाल घोष, मदन मित्रा और उदययन गुहा शामिल हैं.
चुनाव आयोग ने सख्त प्रवेश नियंत्रण उपाय लागू किए हैं, जिसके तहत केवल ईसीआईएनईट प्रणाली के माध्यम से जारी किए गए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्रों के जरिए ही प्रवेश अनिवार्य है. मतगणना कक्षों के अंदर मोबाइल फोन प्रतिबंधित कर दिए गए हैं, सिवाय रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के. मतगणना प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित ढांचे के तहत संचालित की जा रही है.
कोलकाता में, 11 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना पांच स्थानों पर की जाएगी – बल्लीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल, बाबासाहेब अंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय, शाखावत मेमोरियल स्कूल, नेताजी इंडोर स्टेडियम और सेंट थॉमस बॉयज़ स्कूल. भबानीपुर सीट के लिए मतगणना, जिसका प्रतीकात्मक महत्व सबसे अधिक माना जा रहा है, जहां ममता बनर्जी अपने गृह क्षेत्र में वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को कड़ी टक्कर दे रही हैं, शाखावत मेमोरियल केंद्र में होगी.
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