चंडीगढ़,03 मई (आरएनएस)। हाल ही में आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अब पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने पंजाब में सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के गंभीर आरोपों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग की है.
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति कार्यालय ने चड्ढा की इस गुहार पर संज्ञान लेते हुए उन्हें मिलने का समय दे दिया है. राघव चड्ढा 5 मई को सुबह 10:40 बजे तीन अन्य सांसदों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और उन्हें पंजाब की वर्तमान प्रशासनिक स्थितियों से अवगत कराएंगे.
राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता था, दोनों आंदोलन के दिनों से साथ रहे हैं. चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आम आदमी पार्टी से की थी. 2015 में, उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. उन्होंने 2019 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए. 2020 में, उन्होंने राजेंद्र नगर से दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
इसके बाद, उन्हें पंजाब के लिए आम आदमी पार्टी का प्रभारी नियुक्त किया गया. 21 मार्च, 2022 को आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया. राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य थे. इससे पहले वे दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और 2022 तक दिल्ली के राजेंद्र नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में कार्य कर चुके थे.
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