लखनऊ(आरएनएस )। उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सुधार और विकास को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को आगे बढ़ाया है। ऊर्जा, शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, पर्यावरण, उद्योग और प्रशासनिक सुधार से जुड़े इन निर्णयों का सीधा लाभ आम जनता, किसानों, युवाओं और कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है।ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में किसानों और भूस्वामियों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने का प्रस्ताव है। अब टावर बेस क्षेत्र के लिए 200 प्रतिशत तक मुआवजा दिया जाएगा, जबकि राइट ऑफ वे कॉरिडोर के 30 प्रतिशत क्षेत्रफल के लिए भी भूमि लागत के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इससे पारेषण लाइनों से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय और लखनऊ खंडपीठ में कार्यरत लॉ क्लर्क (ट्रेनी) और रिसर्च एसोसिएट का कार्यकाल 2 वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम 3 वर्ष करने का प्रस्ताव है। इससे न्यायमूर्तियों को विधिक शोध कार्य में अधिक दक्ष सहयोग मिल सकेगा और मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के तहत संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के अंतर्गत 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स की 4 बंद पड़ी मिलों की 251.805 एकड़ भूमि को हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइजेज) के सहयोग से प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में ष्ठक्रश्व्ररू स्किल लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है। इन लैब्स के माध्यम से छात्रों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ते हुए रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा।जल आपूर्ति से जुड़े एक अहम निर्णय में झांसी बबीना पेयजल योजना के तहत 17.65 करोड़ रुपये की बकाया राशि उ.प्र. जल निगम (नगरीय) को देने का प्रस्ताव है। यह धनराशि पंचायती राज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त आयोग की निधि से समायोजित की जाएगी, जिससे संबंधित कर्मचारियों और पेंशनरों के भुगतान सुनिश्चित हो सकेंगे।सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्थानांतरण नीति भी लागू की है, जिसके तहत 31 मई तक तबादले किए जाएंगे। निर्धारित अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों का स्थानांतरण अनिवार्य होगा और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम अपनाया जाएगा।उच्च शिक्षा के क्षेत्र में फिरोजाबाद में अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा।प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत ‘ह्रञ्जष्ठ ष्टरू फेलोशिपÓ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जिले में दो विशेषज्ञ फेलो तैनात किए जाएंगे, जो विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग और डेटा विश्लेषण में सहयोग करेंगे। चयनित फेलो को 50 हजार रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए ई-साक्ष्य प्रबंधन नियम 2026, ई-समन व्यवस्था और सामुदायिक सेवा गाइडलाइंस लागू करने का प्रस्ताव है। इससे डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन, ऑनलाइन समन और छोटे अपराधों में सुधारात्मक दंड की व्यवस्था मजबूत होगी।पर्यावरण संरक्षण के तहत वर्ष 2026-27 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग द्वारा 50 करोड़ पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे और विभिन्न विभागों, संस्थाओं व आम नागरिकों को नि:शुल्क पौधे वितरित किए जाएंगे, जिससे जनसहभागिता के साथ हरित अभियान को गति मिलेगी।सरकार के इन फैसलों को व्यापक विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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