लखनऊ, 04 मई, 2026। उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। कृषि में विविधता लाने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित औद्यानिक योजनाओं ने खासतौर पर जनपद शाहजहांपुर में एक नई कृषि क्रांति की नींव रख दी है।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर फल, सब्जी और फूलों की उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए सब्सिडी, तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इन प्रयासों के चलते अब किसान नकदी फसलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
जिला प्रशासन के निर्देशन में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत शाहजहांपुर में कई प्रेरक उदाहरण सामने आए हैं। ग्राम गंगसरा पुवायां के प्रगतिशील किसान गोविंद सिंह ने पारंपरिक खेती से हटकर 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद की बागवानी शुरू की। सरकारी अनुदान और तकनीकी सहयोग से उन्होंने निर्धारित मानकों के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का रोपण किया। प्रति हेक्टेयर लगभग 1.50 लाख रुपये की लागत से शुरू हुई इस परियोजना से उन्हें सभी खर्चों के बाद करीब 2 से 2.25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ।
सरकार और प्रशासन की मदद से उनकी उपज सीधे प्रक्षेत्र से ही व्यापारियों को बेची गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और उचित मूल्य मिला। यह सफलता न केवल उनकी आय में वृद्धि का कारण बनी, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई।
इसी तरह शाहजहांपुर के एक अन्य किसान अमरीक सिंह ने पॉलीहाउस तकनीक अपनाकर खेती में नया आयाम जोड़ा है। सरकार की ओर से दी गई सब्सिडी और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने पॉलीहाउस स्थापित कर बेमौसमी सब्जियों और उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन शुरू किया। इससे उन्हें सालभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस जैसी आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन तकनीकों के माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है और किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिल रही है।
इन योजनाओं के प्रभाव से शाहजहांपुर में खेती का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब किसान परंपरागत फसलों के बजाय बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।
प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह स्पष्ट हो रहा है कि सही नीति, तकनीकी सहयोग और किसानों की मेहनत के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। शाहजहांपुर का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणादायक बनता जा रहा है, जहां आत्मनिर्भर किसान ही समृद्ध प्रदेश की नींव रख रहे हैं।

