लखनऊ, 04 मई 2026। प्रदेश की योगी सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पादÓ की सफलता के बाद अब ‘एक जनपद-एक व्यंजनÓ योजना को मंजूरी देकर पारंपरिक खाद्य विरासत को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए यह घोषणा की।
मंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इसके तहत जनपदवार प्रसिद्ध व्यंजनों का चयन कर उन्हें संरक्षित, सुरक्षित और मानकीकृत किया जाएगा। साथ ही उनकी गुणवत्ता सुधार, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत कारीगरों, हलवाइयों, खाद्य उद्यमियों और श्रमिकों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें मेलों, फेस्टिवल और प्रदर्शनियों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आय में वृद्धि होगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, खाद्य एवं पर्यटन विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। यह समिति स्थानीय स्तर पर सुझाव लेकर व्यंजनों का चयन और उनके विकास की रणनीति तैयार करेगी। सरकार द्वारा इस योजना के तहत उद्यमियों को 25 प्रतिशत तक अनुदान (अधिकतम 20 लाख रुपये) दिया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री राकेश सचान ने यह भी बताया कि प्रदेश के खाद्य विक्रेताओं और हलवाइयों का एक राज्यस्तरीय सम्मेलन शीघ्र ही लखनऊ में आयोजित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन के विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित होंगे तथा पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अमरोहा, बहेड़ी (बरेली), संतकबीरनगर और नगीना (बिजनौर) में स्थित कताई मिलों की भूमि को टेक्सटाइल विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इन स्थलों पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मंत्री ने कहा कि ‘ब्रांड यूपीÓ को सशक्त बनाने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। ‘एक जनपद-एक व्यंजनÓ योजना और टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

