लखनऊ, 04 मई, 2026। उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब इसे वैश्विक स्तर तक विस्तार देने की ठोस रणनीति अपनाई गई है। सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। सेवायोजन निदेशालय के माध्यम से संचालित ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशनÓ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है, जिसने युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।
रोजगार मिशन के तहत विदेश मंत्रालय, भारत सरकार से आधिकारिक रिक्रूटिंग एजेंसी का लाइसेंस प्राप्त कर रोजगार प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के हजारों युवाओं को इजराइल सहित अन्य देशों में रोजगार मिला है। निर्माण क्षेत्र में लगभग 9000 श्रमिकों का चयन किया गया, जिनमें से 6004 श्रमिक विदेशों में कार्यरत हो चुके हैं। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1400 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा प्राप्त होने का अनुमान है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
इसके अतिरिक्त 1336 श्रमिकों को इजराइल भेजने की प्रक्रिया जारी है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अवसर बढ़े हैं। वर्तमान में 5000 केयरगिवर्स को इजराइल और जापान तथा 1000 नर्सों को जर्मनी भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह दुबई और ओमान में भी लगभग 2000 अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों द्वारा किया गया है, जो यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की वैश्विक स्तर पर मांग लगातार बढ़ रही है।
प्रदेश में रोजगार मेलों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 01 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित 13,698 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से 17,26,163 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। वहीं, 29,172 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों में 33,11,737 अभ्यर्थियों ने भाग लेकर अपने भविष्य को नई दिशा दी है।
सरकार द्वारा ‘इंडस्ट्री कनेक्टÓ कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योगों और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा, वाराणसी और लखनऊ में आयोजित रोजगार महाकुंभ जैसे आयोजनों ने हजारों युवाओं को रोजगार दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। लखनऊ में आयोजित रोजगार महाकुंभ में 16,212 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें से 1612 को यूएई और ओमान में रोजगार मिला।
महिलाओं को भी वैश्विक रोजगार से जोडऩे के लिए ‘पिंक रोजगार महाकुंभÓ का आयोजन किया गया, जिसमें 2765 महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ और 79 महिलाओं को विदेशों में रोजगार प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए यूरोपियन यूनियन के साथ संयुक्त कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें सुरक्षित और नैतिक प्रवासन पर विशेष जोर दिया गया।
प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश में रोजगार का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। अब राज्य केवल स्थानीय रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह पहल न केवल युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

