सुल्तानपुर 5मई (आरएनएस)। मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में 4 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। भुगतान न मिलने से परेशान ठेकेदार ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर पुलिस ने तीन निर्माण कंपनियों के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के सीताकुंड निवासी मुकेश प्रताप सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी फर्म मुकेश कंस्ट्रक्शन ने दुबेपुर स्थित मेडिकल कॉलेज निर्माण में गिट्टी, मोरंग की सप्लाई और जेसीबी से खुदाई का काम किया था। यह काम यूनिक इन्फ्रा इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पीसीपी प्रोटेक्ट लिमिटेड और यूनिक हाउस के प्रोजेक्ट के तहत किया गया था।
पीडि़त का आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद कंपनियों ने करीब 4 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। कई बार मांग करने पर भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता रहा और भुगतान टाल दिया गया। प्राथमिकी के अनुसार मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हो चुका है और इसे सरकार को सौंप दिया गया है। यहां कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं, लेकिन ठेकेदार का बकाया अब तक नहीं चुकाया गया है। मुकेश प्रताप सिंह का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने साजिश के तहत उनकी रकम हड़प ली। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने यूनिक हाउस के साइड इंचार्ज अमित यादव, पीसीपी प्रोटेक्ट लिमिटेड (उदयपुर) के मैनेजर और यूनिक इन्फ्रा इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सिविल जज (अवर खंड) सत्येंद्र कुमार मिश्र ने मामले को गंभीर मानते हुए कोतवाली नगर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी प्रोजेक्ट में भुगतान में इतनी बड़ी गड़बड़ी आखिर किस स्तर पर हुई।
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