कोलकाता,05 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। केंद्रीय एजेंसी ने यह कार्रवाई कथित सोना पप्पू सिंडिकेट मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है। एजेंसी को आशंका है कि बिस्वास देश छोड़कर भागने का प्रयास कर सकते हैं। बिस्वास 2025 में राज्य पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, उनको ममता बनर्जी की सरकार ने सेवा विस्तार दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एजेंसी बिस्वास को कई नोटिस भेज चुकी है। उनसे पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से एक दिन पहले पूछताछ भी हुई थी। उस समय ईडी अधिकारियों ने उनसे सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार द्वारा चलाए जा रहे एक कथित आपराधिक गिरोह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की थी। इससे पहले एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में फर्ना रोड स्थित बिस्वास के आवास पर तलाशी ली थी।
सोना पप्पू सिंडिकेट मामला दक्षिण कोलकाता के बल्लीगंज निवासी सोना पप्पू से जुड़ा है। जिस पर जमीन हड़पने, जबरन वसूली, शस्त्र अधिनियम, हवाला लेन-देन के आरोप हैं। मामले में ईडी व्यवसायी जॉय कामदार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बिस्वास एक समय कालीघाट पुलिस थाने के प्रभारी थे। यह थाना भबानीपुर में आता है, जहां से ममता बनर्जी चुनाव हार गई हैं। बिस्वास छापे के बाद से लापता हैं और उनका परिवार भी पूछताछ में नहीं आया।
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