नई दिल्ली,23 जून(आरएनएस)। झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. शिबू सोरेन की तरफ ये यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने स्वीकार किया.
मंगलवार को संसद भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को यह पुरस्कार प्रदान किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के अलावा गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, शिबू सोरेन की बेटी अंजनी सोरेन और अन्य परिजन भी उपस्थित रहे.
गुरुजी शिबू सोरेन को यह सम्मान आदिवासी समाज के उत्थान, झारखंड आंदोलन और सार्वजनिक जीवन में उनके दशकों लंबे योगदान के लिए दिया गया है. शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था. उनके बचपन का नाम शिवलाल था. प्रारंभिक शिक्षा नेमरा और गोला हाई स्कूल में पूरी की. उनके पिता सोबरन सोरेन शिक्षक थे और गांधीवादी विचारों के अनुयायी. 27 नवंबर 1957 को महाजनों ने उनकी हत्या कर दी. जमीन पर कब्जा और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से हुई इस घटना ने किशोर शिबू के जीवन को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और अन्याय के विरुद्ध लड़ाई का रास्ता चुन लिया.
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