कोलकाता 6 मई (आरएनएस)। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष के नेता के चयन पर चर्चा करने के लिए अपने कालीघाट स्थित आवास पर पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। पार्टी के सभी 80 विजयी उम्मीदवारों को बैठक में आमंत्रित किया गया था, जो शाम को निर्धारित समय पर शुरू हुई। हालांकि, 11 विजयी विधायक बैठक में अनुपस्थित रहे।
विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी, उसी दौरान यह बैठक हुई। पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक चर्चा के लिए कालीघाट पहुंचे, जहां वरिष्ठ पार्टी नेता भी मौजूद थे। बैठक के दौरान अनुपस्थित विधायकों की पहचान आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं की गई। पार्टी नेतृत्व की ओर से उनकी अनुपस्थिति के संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुछ विधायकों की अनुपस्थिति के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें चुनाव के बाद के घटनाक्रम और निर्वाचन क्षेत्र स्तर की जिम्मेदारियां शामिल हैं। परिणाम घोषित होने के बाद कई जिलों से हिंसा और अशांति की घटनाएं सामने आई हैं, और कुछ विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों को संभालने में व्यस्त रहे होंगे। कालीघाट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने दोहराया कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और कहा कि वह चुनाव परिणाम को वास्तविक हार के रूप में स्वीकार नहीं करती हैं। तृणमूल के 80 में से 11 विधायकों के नदारद रहने पर कई तरह की बातें हो रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि सत्ता से बेदखल होते ही बगावत तो नहीं शुरू हो गई ? बहरहाल जो भी हो बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी में आंतरिक मंथन तेज हो गया है। ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक में चुनाव परिणामों की समीक्षा के साथ संगठन की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही विपक्ष में टीएमसी की क्या भूमिका होगी, इस पर भी चर्चा हुई। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बताया कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, बैठक में इस पर चर्चा हुई।
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