महासमुंद, 08 मई (आरएनएस)। सायरन बजाती एंबुलेंस में मरीज नहीं, करोड़ों के नशे का जखीरा दौड़ रहा था, लेकिन महासमुंद पुलिस की सटीक घेराबंदी ने तस्करों का पूरा खेल सड़क पर ही खत्म कर दिया। महासमुंद पुलिस की एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोमाखान थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस में छिपाकर ले जाए जा रहे 77 किलो अवैध गांजा के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजा, एंबुलेंस, पायलटिंग कार और पांच मोबाइल समेत कुल 50 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। खुलासा हुआ है कि उड़ीसा के बालीगुडा से गांजा लाकर महाराष्ट्र के सोलापुर में खपाने की तैयारी थी और तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल किया था, लेकिन यह प्लान तीसरी बार भी फेल हो गया। मामला 8 मई 2026 का है जब जिले में लगातार चल रही चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि उड़ीसा से महासमुंद की ओर आ रही एंबुलेंस क्रमांक एमएच 13 सीयू 0707 में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है और उसके आगे एक पायलटिंग कार एमएच 12 एनबी 5277 रास्ता क्लियर कराने के लिए चल रही है। सूचना मिलते ही टेमरी जांच नाका में घेराबंदी की गई और दोनों वाहनों को रोककर पूछताछ शुरू हुई। शुरुआती पूछताछ में ही आरोपियों के जवाब लडख़ड़ाने लगे और जब एंबुलेंस की तलाशी ली गई तो अंदर छिपाकर रखा गया 77 किलो गांजा बरामद हो गया जिसकी कीमत करीब 38 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी आकाश उर्फ अक्षय जाधव पिता दगड़ु जाधव उम्र 27 साल निवासी खड़की थाना तांबुलवाड़ी जिला धाराशिव महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया जो एंबुलेंस चला रहा था। वहीं पायलटिंग कार में सवार लिंबाजी जाधव पिता सुखदेव जाधव उम्र 33 साल निवासी खड़की थाना तांबुलवाड़ी जिला धाराशिव महाराष्ट्र, धनंजय लोखंडे पिता शरद लोखंडे उम्र 25 साल निवासी संतोषनगर वाडे थाना शोलापुर जिला शोलापुर महाराष्ट्र, प्रथमेश पिंगले पिता नागेश पिंगले उम्र 20 साल निवासी संतोषनगर वाडे थाना शोलापुर जिला शोलापुर महाराष्ट्र और अजय काले पिता दशरथ काले उम्र 25 साल निवासी कुलजारपुर नाका धाराशिव थाना व जिला धाराशिव महाराष्ट्र को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ अप.क्र. 68/2026 धारा 20(क्च)(ढ्ढढ्ढ)(ष्ट) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई में 77 किलो गांजा, एक एंबुलेंस, एक पायलटिंग कार और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। महासमुंद पुलिस के अनुसार पिछले चार महीनों में जिले में 84 प्रकरणों में 6093.121 किलो गांजा जब्त कर 221 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें 167 आरोपी दूसरे राज्यों के हैं। बहरहाल, एंबुलेंस जैसी जीवन बचाने वाली गाड़ी को नशे की तस्करी का हथियार बनाने वाले गिरोह पर पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब तस्करों का कोई भी नया खेल कानून की नजरों से बच नहीं पाएगा।
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