राजनांदगांव, 08 मई (आरएनएस)। पुलिस की ताबड़तोड़ रेड से शराब तस्करों में मचा हड़कंप, मुढिया नाला में चल रहा अवैध शराब नेटवर्क धराशायी हो गया। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चल रही बड़ी मुहिम के बीच राजनांदगांव पुलिस ने एक बार फिर अंतर्राज्यीय शराब तस्करों पर जबरदस्त प्रहार करते हुए भारी मात्रा में मध्यप्रदेश निर्मित शराब जब्त की है। पुलिस चौकी मोहारा, थाना डोंगरगढ़ को 7 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मोहारा निवासी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू उर्फ छोटा कट्टी कोटरीछापर रोड स्थित मुढिया नाला के पास भारी मात्रा में अवैध शराब डंप कर बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सुनियोजित दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही मौके पर मौजूद तस्करों में भगदड़ मच गई और कुछ आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी चालाकी नहीं चल सकी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने देवव्रत वर्मा निवासी मोहारा, चुम्मन सिन्हा निवासी रूवातला और महेन्द्र वर्मा निवासी मोहारा को मौके से दबोच लिया, जबकि मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू फरार होने में सफल रहा जिसकी तलाश लगातार जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अवैध शराब को स्वीफ्ट डिजायर कार क्रमांक ष्टत्र 04 रुत्र 9461 से मंगाया जाता था और फिर मिलकर इलाके में खपाया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की 9 पेटियां यानी 450 पौवा, कुल 81 बल्क लीटर शराब और एक ओला ईवी स्कूटी क्रमांक ष्टत्र 08 क्चक्च 4537 जब्त की। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 1 लाख 10 हजार 750 रुपये आंकी गई है। आरोपियों के खिलाफ थाना डोंगरगढ़ में आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 36 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फरार आरोपी नंदकिशोर वर्मा के खिलाफ पहले से भी कई अपराध दर्ज हैं। खास बात यह है कि बीते छह माह में यह अंतर्राज्यीय शराब तस्करों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस की 10वीं बड़ी कार्रवाई है और अब तक करीब 11 लाख रुपये की 880 लीटर शराब जब्त की जा चुकी है। वहीं पिछले एक महीने में जिलेभर में आबकारी एक्ट के 135 से ज्यादा प्रकरण दर्ज कर लगभग 147 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। एडिशनल एसपी कीर्तन राठौड़ के मार्गदर्शन में सीएसपी वैशाली जैन, डीएसपी केशरीनंदन नायक और इंस्पेक्टर विनय पम्मार के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। बहरहाल, राजनांदगांव पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति ने शराब माफियाओं की नींद उड़ा दी है और अब अवैध कारोबारियों में गिरफ्तारी का डर साफ दिखाई देने लगा है।
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