बीजापुर, 08 मई (आरएनएस)। महादेव घाटी मोड़ से मोटरसाइकिल पर नशीली गोलियां ले जा रहे दो तस्करों को आखिरकार कानून ने ऐसा शिकंजा पहनाया कि अब उन्हें अगले 15 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताने होंगे। बीजापुर पुलिस की सटीक कार्रवाई और मजबूत विवेचना के दम पर हृष्ठक्कस् प्रकरण में माननीय न्यायालय ने आरोपी रविन्द्र पुनेम और अंशु गोनेट को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 9 नवंबर 2024 का है जब कोतवाली थाना बीजापुर द्वारा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान महादेव घाटी मोड़ के पास चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मोटरसाइकिल से अवैध रूप से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियों के परिवहन की सूचना मिली। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर रविन्द्र पुनेम और अंशु गोनेट को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बरामद हुईं जिसके बाद दोनों के खिलाफ हृष्ठक्कस् एक्ट की धारा 21(ग) के तहत अपराध दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर पुलिस ने विवेचना को बेहद तकनीकी और कानूनी तरीके से आगे बढ़ाया। जांच के दौरान हर साक्ष्य को बारीकी से संकलित किया गया और सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया गया। पुलिस द्वारा जुटाए गए मजबूत और ठोस सबूतों ने अदालत में पूरे मामले को निर्णायक बना दिया।
सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। बीजापुर पुलिस ने साफ कहा है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है या अवैध नशीले पदार्थों के संपर्क में है तो उसे समझाइश दें और नशे के खतरनाक परिणामों से अवगत कराएं। गौरतलब है कि नशे का यह जाल केवल व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देता है और कानून ऐसे अपराधों के खिलाफ बेहद कठोर रुख अपनाए हुए है। फिलहाल, बीजापुर कोर्ट का यह फैसला नशे के कारोबार में शामिल लोगों के लिए सीधा और सख्त संदेश है कि कुछ पैसों के लालच में उठाया गया एक गलत कदम जिंदगी के कई साल सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है।
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