कोरबा 09 मई (आरएनएस)।। देश की प्राचीन भाषा संस्कृत को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। समय के साथ लोग इस भाषा के प्रति अपने आप को जोड़ रहे हैं। संस्कृत भारती ने आगामी दिनों में इसके लिए 15 दिन का शिविर कोरबा में करना तय किया है।
सूत्रों के अनुसार देश की संस्कृति और व्यवहारिक ज्ञान के मामले में लोगों को अपडेट करने को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। अखिल भारतीय स्तर पर संस्कृत भारती इस दिशा में लगातार अपनी सक्रियता दिखा रही है। विद्यालय, महाविद्यालय और गुरुकुल के साथ-साथ अकादमी से जुड़े विशेषज्ञ ऐसे कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता से जुटे हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संस्कृत भारती की अवधारणा पर बहुत पहले काम शुरू किया और फिर से विस्तारित किया। बताया गया कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग स्तर पर इसकी कक्षाएं शुरू की गई है। अप्रत्याशित रूप से संस्कृत सीखने को लेकर लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और उन्होंने अपने ज्ञान की स्तर को इस मामले में काफी बेहतर किया है।
कोरबा के डीएवी स्कूल में संस्कृत का अध्यापन कराने वाले नरसिंह शास्त्री का कहना है कि विशुद्ध रूप से संस्कृत वैज्ञानिक भाषा है और कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर में इसने अपनी उपयोगिता को साबित किया है। उनका कहना है कि जब विश्व के दूसरे देशों में संस्कृत को प्रतिष्ठा मिल सकती है तो कम से कम अपने देश में यह काम जरूर होना चाहिए।
००००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

