कोलकाता 10 may, (Rns) । मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में विशेष जांच दल को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। अपराधियों ने इस घटना में जब्त कार से बाली टोल ब्रिज पार करते समय यूपीआइ के जरिए भुगतान किया था। अब पुलिस यूपीआइ से जुड़े तथ्यों की मदद से अपराधियों तक पहुंचाना चाहती है।
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू की है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना के तीन दिन बाद भी हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अपराधियों ने उत्तर 24 परगना जिले के माध्यमग्राम में गुरुवार रात चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इधर जांच में अब सबसे बड़ी चुनौती अपराधियों के भागने वाले रूट का सीसीटीवी फुटेज जुटाना बन गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोहारिया-माठपाड़ा इलाके से होकर जिस रास्ते से अपराधियों के फरार होने का अनुमान है, वहां लगे कई सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि अपराधी अंधेरा होने का इंतजार कर रहे थे, ताकि तेज रफ्तार बाइक से भागते समय उनका चेहरा या बाइक का नंबर प्लेट कैमरे में साफ तौर पर कैद न हो सके

