अबुआ सरकार में झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष व शहादत की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे : पुष्कर महतो
लोहरदगा 10 मई (आरएनएस)। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, लोहरदगा जिला की बैठक ब्लॉक चौक स्थित
सहकारिता भवन परिसर में हुई. बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों के राजकीय मान सम्मान ,अलग पहचान , बाल बच्चों के रोजी रोजगार नियोजन की सौ प्रतिशत गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी को सम्मान पेंशन 50- 50 हज़ार रु देने के सरकार के आश्वासन एवं संकल्प पर अमल नहीं होने को लेकर 10 जून 2026 को मुख्यमंत्री आवास का घेराव प्रदर्शन करने का निर्णय लिये. आंदोलनकारियों ने नारा लगाया कि दो जून की रोटी के लिए 10 जून को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे.20 मई को अगली बैठक सेन्हा प्रखंड में होगी.
मौके पर मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि अबुआ सरकार में झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष व शहादत की उपेक्षा दुर्भाग्य की बात है. झारखंड अलग राज्य के मूल्यों व आंदोलनकारियों के सपनों पर कुठाराघात हो रहें हैं. हमारे संवैधानिक अधिकारों रोजी रोजगार नियोजन माय माटी, जल जंगल जमीन पर निरंतर हमला झारखंड आंदोलनकारियों के अस्तित्व, अस्मिता एवं पहचान को मिटाने का षड्यंत्र है. महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी अपने बाल बच्चों के अधिकारों व स्वाभिमान की रक्षा के लिए मरने मिटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर 2024 एवं 11 मार्च 2026 को सरकार ने झारखंड आंदोलनकारियों को जो आश्वासन दिया है तथा 2012 एवं 2021 के सरकारी संकल्पो का पालन नहीं होने के कारण वे आज एक बार फिर संघर्ष एवं शहादत देने के लिए बाध्य हुए हैं.अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष रामनन्दन साहु ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को कमर कसकर अपनी लड़ाई स्वयं लडऩी है. 10 जून को बड़ी संख्या में आंदोलनकारी को परंपरागत अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य व्यवस्था के साथ चलना. वरिष्ठ सचिन अमानत अंसारी ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान से ही अबुआ सरकार की लोकप्रियता व पहचान है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में बिहार के मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा कि झारखंड मेरी लाश में बनेगा आंदोलनकारियों ने इसे चुनौती से लिए, आक्रोश में आए आज राज्य बनने के 26 साल बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड आंदोलनकारियों के लाश में सम्मान पेंशन देना चाहती है क्या!. अगर ऐसी बात है तो हमलोग कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं.
वरीय आंदोलनकारी ताहिर अंसारी ने कहा कि सरकार झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान के साथ सम्मान अन्यथा उसे सत्ता में बैठे रहने का नैतिक अधिकार नहीं है.
कार्यक्रम का संचालन हरि गोप तथा धन्यवाद ज्ञापन मनमोहन साहू ने की.
इस मौके पर अनंत राम,ताहिर अंसारी,छेदी अंसारी, शाहिद अंसारी, सुरेन्द्र ठाकुर, अमानत अंसारी,पंचम नथ शाहदेव, सूकारो देवी, जसिंता केरकेट्टा, हरि उरांव, फुलदेव भगत, लाल बैधनाथ शाहदेव, कलीम अंसारी, सलीम अंसारी,हाजी सुल्तान अंसारी, केले उरांव, राजेंद्र उरांव, शमसाद अंसारी, मकबूल अंसारी, फूलो देवी, अकबर खान, मो रज्जाक अंसारी, रामजी उरांव,बसीता देवी, लीला देवी, तुलसी महतो नूरजहां बीबी, हीरा देवी, एडयानी कुजुर, निर्मला तिग्गा, इलिसाबा देवी, रोयल कुमारी बारी हाकिम अंसारी, महिद्रा मिस्त्री, जोहन मिंज, रति पाहन, सुखदेव उरांव , गुरुपाल भगत, बंदे उरांव, करमा भगत, बिशुवा, सोहराई उरांव, प्रभु उरांव, शिवनंदन साहु, इरमियां मिंज, गोपाल महतो, बिरसनी देवी, परमेश्वर भगत, दशरथ साहु, समशुल अंसारी, जाबिर अंसारी, नारायण साहु, केले उरांव, हरि उरांव सहित अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
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