कुड़वार/सुल्तानपुर 11 मई (आरएनएस)। शनिवार को रास्ते के विवाद का निरीक्षण करने गए लेखपाल की चाभी निकालकर निस्तारण की मांग करना सेना के जवान को महंगा पड़ गया। पुलिस ने लेखपाल की मनगढ़ंत तहरीर के आधार पर बिना जांच पड़ताल के सेना के जवान को गम्भीर धाराओं में जेल भेज दिया। मामला स्थानीय थाना क्षेत्र के चका परसीपुर गांव से जुड़ा है।जहां शनिवार को शिकायती पत्र की जांच करने पहुंचे लेखपाल बॉर्डर का मामला बताते हुए नाप जोख करने से मना कर दिए। लेखपाल का कहना था कि मामला कुड़वार व दूबेपुर विकास खंड के बॉर्डर है। जब तक परसीपुर व बभनगवां दोनों गांव के लेखपाल राजस्व अभिलेखों के साथ उपस्थित नही होंगे। तब तक निस्तारण नहीं हो सकता। इसी बात पर नाराज होकर गांव निवासी फौजी जवान खुर्शीद अली पुत्र शमशेर जो बीएसएफ में मेघालय में तैनात है। वह नाराज हो गया और लेखपाल के बाइक की चाभी निकालते हुए कहा कि पहले हमको लिखित दीजिए कि अभी निस्तारण नहीं हो पाएगा तब यहां से जाइए। इतने पर लेखपाल शिव प्रसाद ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ पहुंचे राजस्व निरीक्षक शिव प्रसाद मौके पर पहुंचे।और लेखपाल सहित फौजी जवान को लेकर थाने आ गए। उसके बाद लेखपाल द्वारा नॉर्मल तहरीर दी गई थी लेकिन गंम्भीर धारा बनाने के लिए तहरीर बदल दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर रविवार को सेना के जवान को जेल भेज दिया। यदि समय से राजस्व विभाग निस्तारण करा देता तो शायद एक सेना के जवान को जेल की हवा न खानी पड़ती।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

