ऽ करोड़ों की व्यवस्थाओं के दावे, लेकिन मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाएं अब भी ठप
ऽ प्रशासन मौन, मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं पर मंडरा रहा असुविधा का खतरा
बाराबंकी 11 मई (आरएनएस)। स्थानीय प्राचीन नागेश्वर नाथ धाम में व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहले भी मंदिर परिसर में बंद पड़े शौचालयों और बदहाल सुविधाओं का मामला सामने आया था, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान न होने से स्थानीय लोगों, पुजारियों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आगामी मेले को देखते हुए यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मंदिर परिसर में मौजूद कई शौचालय महीनों से बंद पड़े बताए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बड़ी संख्या में दूर-दराज से आने वाले भक्तों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। मंदिर से जुड़े पुजारियों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदारों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। उनका कहना है कि जब मेले और धार्मिक आयोजनों में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, तब साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त रखना प्रशासन और समिति की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि मंदिर परिसर के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात बदहाल दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो मेले के दौरान श्रद्धालुओं को भारी असुविधा झेलनी पड़ सकती है। सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए गठित समिति की निगरानी उच्च अधिकारियों के स्तर से होती है, बावजूद इसके मूलभूत सुविधाओं का ठप होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पुजारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मेले से पहले बंद पड़े शौचालयों को तत्काल चालू कराया जाए, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित हो और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, ताकि आस्था के केंद्र पर आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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