लखनऊ 11 मई(आरएनएस )। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट, मृतक, अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम दर्ज होने का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर व्यापक सुधार की मांग की है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन देकर विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की मांग उठाई है।सपा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद झांसी के गरौठा और मऊरानीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों सहित प्रदेश की कई विधानसभा सीटों में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में बड़ी संख्या में एक ही मतदाता के नाम दो-दो, तीन-तीन, चार-चार और यहां तक कि पांच-पांच बार दर्ज पाए गए हैं। इसके अलावा मृतक, अनुपस्थित और शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के नाम भी सूची में बने हुए हैं, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।सपा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की 166 दिन तक चली प्रक्रिया के बावजूद सूची को त्रुटिरहित नहीं बनाया जा सका। पार्टी का कहना है कि यदि मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में त्रुटियां बनी रहती हैं तो इससे विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।ज्ञापन में झांसी जनपद के गरौठा विधानसभा क्षेत्र के कई पोलिंग बूथों का उदाहरण देते हुए दावा किया गया कि एक ही मतदाता का नाम कई बार दर्ज है। पार्टी के अनुसार, बूथ संख्या 65 पर ऊषा नामक मतदाता का नाम पांच बार, बूथ संख्या 67 पर राहुल नामक मतदाता का नाम पांच बार और बूथ संख्या 68 पर मनीषा नामक मतदाता का नाम तीन बार दर्ज पाया गया। इसी तरह अन्य बूथों पर भी एक ही मतदाता के नाम दोहराए जाने का आरोप लगाया गया है।मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र के संबंध में भी सपा ने कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। पार्टी का दावा है कि बूथ संख्या 45 पर साधना नामक मतदाता का नाम पांच बार, बूथ संख्या 416 पर ज्योति नामक मतदाता का नाम चार बार और अन्य बूथों पर भी एक ही मतदाता का नाम कई बार दर्ज है।समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के करीब 1 लाख 77 हजार 516 पोलिंग बूथों पर विशेष अभियान चलाकर डुप्लीकेट, मृतक, अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएं, ताकि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक वातावरण में संपन्न कराया जा सके।मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह ज्ञापन के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह द्वारा सौंपा गया। सपा नेताओं ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और विश्वसनीय होना अत्यंत आवश्यक है।
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