जौनपुर 12 मई (आरएनएस )। दवा प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय मांग दिवस मनाया एवं एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। जिसमें मजदूर की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए निवेदन किया , क्योंकि सरकारी कार्यवाही के अभाव में कर्मचारियों को उनके नियुक्ताओं द्वारा अपनाई जाने वाली विभिन्न अनुचित श्रम कानून का शिकार होना पड़ता है । नियोक्ता श्रम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं । नियोक्ता, यूनियन नेताओं और श्रमिकों के विरोध करने के लोग तांत्रिक और कानूनी अधिकार को दबाने के लिए उनके खिलाफ झूठी पुलिस शिकायतें दर्ज कर रहे हैं । सभी गिरफ्तार मजदूरों एवं कार्यकर्ताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई, सभी झूठे मामलों की वापसी, दमन की समाप्ति और सभी अवैध हिरासतों को खत्म करने की मांग करता है । साथ ही, ट्रेड यूनियनों के साथ तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता, भारतीय श्रम सम्मेलन का शीघ्र आयोजन, पूर्ण वैधानिक लाभों के साथ 26000 रुपए न्यूनतम मजदूरी का क्रियान्वयन, सख्त 8 घंटे का कार्य दिवस, डबल ओवर टाइम भुगतान, कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करना, ठेका मजदूरों के साथ समान व्यवहार, सस्ती एलपीजी और ठेका श्रम व्यवस्था के उन्मूलन हेतु नियमितीकरण की मांग करता है। चार श्रम संहिताओं को निरस्त करें और बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम,1976 सहित मौजूद श्रम कानून को जारी रखें । ट्रेड यूनियनों और श्रमिकों के कानूनी और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बंद करें। अनिल मिश्रा, अजय चैरसिया, अच्युत दुबे, अजय सिंह, सुनील प्रजापति, अभिषेक सिंह, शैलेश मौर्य की भूमिका अहम रही।
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