चित्रकूट 12 मई (आरएनएस)। जनपदवासियों को बड़ी राहत देते हुए राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। जिसके तहत भूलेख पोर्टल पर खतौनी को पूर्णत: रियल टाइम एवं ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे अब भूमिधर घर बैठे ही खतौनी की प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकेंगे।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रतिवर्ष प्रदेश में लगभग तीन करोड़ से अधिक लोग खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करते हैं। अभी तक खतौनी की नकल प्राप्त करने के लिए लोगों को तहसील, कंप्यूटर केंद्र या जन सेवा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते थे। जिससे समय, श्रम और संसाधनों की बर्बादी होती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने से अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। जिसके तहत अब अब भूमिधर घर बैठे ही खतौनी की प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट भूलेख पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद “खतौनी की नकल” टैब पर क्लिक कर जनपद, तहसील और ग्राम का चयन करना होगा। इसके बाद संबंधित गाटा संख्या चुनकर खतौनी का विवरण देखा जा सकेगा। ऑनलाइन भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, यूपीआई और क्यूआर कोड स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मात्र 15 रुपये शुल्क जमा कर आवेदक किसी भी समय और किसी भी स्थान से खतौनी की प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकेंगे। कहा कि इस व्यवस्था से तहसीलों पर जनदबाव कम होगा तथा आम लोगों को 24 घंटे सातों दिन सुविधा मिलेगी। डीएम ने इस व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जनता को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
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