देहरादून,12 मई (आरएनएस)। अदिति कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय और रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग दून विश्वविद्यालय देहरादून (उत्तराखंड) के सहयोग से और आईसीएसएसआर द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड की लोक कला एवं रामलीलाओं में महिलाओं की सहभागिता विषय पर एक विशेष संगोष्ठी व फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने अपने संदेश में लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। डीन प्रो. एचसी पुरोहित ने कहा कि लोक कलाएं समाज की सांस्कृतिक पहचान का आधार हैं। वहीं मुख्य वक्ताओं के रूप में दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो नीना पांडे, सरिता जुयाल और आशा बहुगुणा ने अपने विचार साझा किए।
उन्होंने लोक परंपराओं और रामलीला कृष्णलीला से जुड़े सांस्कृतिक अनुभवों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक प्रो पुनीता गुप्ता, डॉ अजीत पंवार, कैलाश कांडवाल, प्रो. हर्ष डोभाल, डॉ. चन्द्र शेखर बधानी आदि मौजूद रहे।
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