देहरादून,12 मई (आरएनएस)। बलभद्र खलंगा विकास समिति का स्थापना दिवस मंगलवार को नालापानी स्थित रूद्रेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इसमें बलभद्र खलंगा युद्ध स्मारक पर वीर-वीरांगनाओं को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। समिति अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा ने बताया कि खलंगा युद्ध, जो 1814-1816 के आंग्ल-गोर्खा युद्ध के नाम से इतिहास में दर्ज है, उसकी वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 12 मई 1974 को समिति का गठन किया गया था। उस समय श्री 108 महंत पूर्णानंद गिरि महाराज की अध्यक्षता में समिति बनी तथा स्वर्गीय महाराज कुमार नरेंद्र शमशेर जंग बहादुर राणा को अध्यक्ष और राजमाता टिहरी कमलेंद्र शाह को संरक्षिका नियुक्त किया गया था।
16 मार्च 1975 को सागरताल में पहला खलंगा मेला आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि समिति के प्रयासों से नालापानी में बलभद्र खलंगा द्वार, युद्ध स्मारक और पक्के मार्ग का निर्माण कराया गया। इसके अलावा इको टूरिज्म विकास कार्यों के तहत सागरताल क्षेत्र में निर्माण कार्य हुए तथा सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा खलंगा युद्ध क्षेत्र का नया मानचित्र भी प्रकाशित किया गया। समिति को आवंटित भूमि पर कार्यालय भवन का निर्माण भी पूरा हो चुका है। स्थापना दिवस पर पंडित कृष्ण प्रसाद पंथी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन कराया, जबकि रायपुर कीर्तन समिति ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए।कार्यक्रम में आचार्य भरत गिरि, आचार्य आलोक गिरि और पार्षद सोमेंद्र सुशांत बोहरा को सम्मानित किया गया।समारोह में समिति की सचिव प्रभा शाह,गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, संरक्षक इंद्रेश उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष कर्नल डी एस खड़का, कर्नल एम बी राना, दीपक कुमार बोहरा, कोषाध्यक्ष महेश भूषाल, सहसचिव के बी कार्की, संगठन सचिव सुरेश गुरूंग, सह सचिव संजय थापा, शशिकांत शाही, जितेंद्र खत्री, कुशल बोहरा, अनिल थापा, अशोक वल्लभ शर्मा, सूरज थापा, डम्मर थापा और सुनीता गुरूंग सहित कई लोग मौजूद रहे।
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