श्रीनगर गढ़वाल,12 मई (आरएनएस)। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों और युवा संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा रद्द किए जाने और मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गढ़वाल विवि के छात्र नेता वीरेंद्र बिष्ट ने आरोप लगाया कि एनटीए लगातार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराने में विफल साबित हो रही है। नीट के साथ-साथ सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में भी अव्यवस्थाओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। बार-बार होने वाले पेपर लीक से सबसे अधिक नुकसान पहाड़ और दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों को हो रहा है, जो सीमित संसाधनों के बीच कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों का समय, मेहनत और धन बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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