नईदिल्ली,13 मई (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उसने तमिलागा वेत्री कडग़म (टीवीके) के विधायक आर सीनिवास सेतुपति को तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से मना किया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता, विजय बिश्नोई की पीठ ने हाई कोर्ट आदेश को लेकर कहा, यह कहना गलत नहीं होगा कि ये अत्यंत निंदनीय है। कोर्ट ने कहा कि आदेश अनुच्छेद-226 की याचिका पर पारित था, न कि चुनाव याचिका पर।
शिवगंगई जिले के तिरुप्पत्तूर-185 से विधायक सेतुपति ने मंगलवार को आए हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, हमने दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बात सुन ली है। प्रतिवादी के अधिवक्ता को 2 सप्ताह का समय दिया जाता है। इस बीच, आदेश पर रोक जारी रहेगी। हाई कोर्ट के समक्ष आगे की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई है।
तिरुप्पत्तूर-185 निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रतिद्वंद्वी और द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (डीएमके) के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन विधानसभा चुनाव में टीवीके उम्मीदवार सेतुपति से एक वोट से हार गए थे। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि डाक से भेजा गया एक मतपत्र इससे मिलते-जुलते तिरुप्पत्तूर-50 भेज दिया गया, जिससे उसकी गिनती नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट ने अगले आदेश तक सेतुपति को सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया था।
तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को बहुमत साबित करना था। इस दौरान उनके 107 विधायकों में एक विधायक सेतुपति वहां मौजूद नहीं थे। हालांकि, विजय को 144 विधायकों का समर्थन मिला।
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