नईदिल्ली,13 मई (आरएनएस)। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के चलते परिचालन लागत में वृद्धि और यात्रा मांग में कमी के मद्देनजर उड़ानों में कटौती और खर्च में कमी करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन ने मई में पहले ही 90 उड़ानें रद्द कर दी हैं और जून से अगस्त के बीच लगभग 100 उड़ानें रद्द करने की योजना है। इससे कई लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों पर असर पड़ेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया विमानन टरबाइन ईंधन की बढ़ती लागत और कमजोर होते रुपये की वजह से परिचालन खर्चों में भारी वृद्धि का सामना कर रही है। एयरलाइन ने वित्त वर्ष 2026 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा दर्ज किया, जिसके चलते प्रबंधन व्यापक लागत नियंत्रण उपायों पर विचार कर रहा है। इनमें प्रदर्शन-आधारित बोनस में कमी, विवेकाधीन खर्चों पर कड़ा नियंत्रण और परिचालन दक्षता की गहन समीक्षा शामिल है।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि एयरलाइन ने जुलाई तक अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी ने एक्स पोस्ट में कहा, कुछ प्लेटफॉर्म्स पर एयर इंडिया द्वारा सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करने के मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण दावे फैलाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं। सटीक जानकारी के लिए कृपया केवल एयर इंडिया के आधिकारिक चैनल्स पर ही भरोसा करें।
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