अहमदाबाद 15 May, (Rns): देशभर में NEET UG परीक्षा के पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर उग्र रूप लेने लगा है। देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसी भारी आक्रोश के चलते गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में बड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के काफिले को बीच सड़क पर रोक लिया और उन्हें काले झंडे दिखाए। इस भारी हंगामे और नारेबाजी के बाद मौके पर मौजूद पुलिस को कड़ा मोर्चा संभालना पड़ा और प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
IIM से निकलते ही सड़क पर उतरे छात्र
यह पूरा बवाल उस वक्त हुआ जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अहमदाबाद स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद अपनी गाड़ी से गांधीनगर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पहले से विरोध की तैयारी में जुटे NSUI के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को घेर लिया। काले झंडे दिखाते हुए छात्रों ने सीधा आरोप लगाया कि 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ जो भद्दा मजाक हुआ है, उसके लिए सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री और सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है।
2 से 5 लाख में बिका था पेपर, टेलीग्राम पर वायरल थे 410 सवाल
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा में करीब 22.8 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था, लेकिन पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मजबूर होकर पूरी परीक्षा ही रद्द कर दी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि परीक्षा से 15 से 30 दिन पहले ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर लगभग 410 सवालों का एक ‘गेस पेपर’ तेजी से वायरल हो रहा था। हैरानी की बात यह रही कि इसमें से केमिस्ट्री सेक्शन के 120 सवाल असली पेपर से हूबहू मेल खा गए। जांच में सामने आया है कि यह पेपर 2 से 5 लाख रुपये की मोटी रकम लेकर खुलेआम बेचा गया था।
CBI के हाथों में जांच, बिना नई फीस के दोबारा होगी परीक्षा
इस बड़े एजुकेशन स्कैम के तार राजस्थान के सीकर से लेकर महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, बिहार और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों तक फैले हुए हैं। शुरुआत में राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच की, जिसे अब CBI को सौंप दिया गया है। इस अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड राकेश कुमार (सीकर) और नासिक के मेडिकल छात्र शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया जा चुका है। NTA ने आश्वासन दिया है कि रद्द की गई परीक्षा जल्द ही दोबारा आयोजित होगी, जिसके लिए छात्रों को कोई अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन या फीस नहीं देनी होगी और पुराने एडमिट कार्ड ही मान्य होंगे। हालांकि, इस पूरे तनाव के बीच गोवा में एक 17 वर्षीय छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

