कुशीनगर, 15 मई (आरएनएस)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कसया विकास खण्ड के दिलीपनगर स्थित धार्मिक स्थली माँ कुलकुला देवी मंदिर तथा उसके समीप बहने वाली हिरण्यवती नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, नदी क्षेत्र एवं आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
शुक्रवार को डीएम श्री तंवर धार्मिक स्थली मां कुलकुला देवी मंदिर पहुंचकर माथा टेका। उन्होंने मंदिर परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं हेतु मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परिसर एवं नदी तट के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं जिला पंचायत राज विभाग द्वारा कराए जा रहे सफाई कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि हिरण्यवती नदी को 500-500 मीटर के खंडों में विभाजित कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से सफाई कार्य कराया जाए। पर्यटकों द्वारा फेंके गए प्लास्टिक अपशिष्ट को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से उचित स्थान पर निस्तारित किए जाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ ड्रोन सर्वेक्षण कराकर मशीनों की सहायता से नदी में जमी सिल्ट एवं झाडिय़ों की सफाई कराई जाएगी। साथ ही गाँवों से नदी में गिरने वाले पानी को फिल्टर करने हेतु विभिन्न स्थानों पर चैंबर बनाए जाएंगे। जिससे नदी का जल प्रदूषित न हो और स्वच्छता बनी रहे। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं आसपास स्थित भूमि, आराजी संख्या एवं क्षेत्रफल की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने तहसील प्रशासन को निर्देशित किया कि मंदिर परिसर एवं आसपास स्थित भूमि का नक्शा एवं विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए। जिससे पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए समुचित योजना तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जो कार्य अब तक विभिन्न कारणों से लंबित रहे है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि माँ कुलकुला देवी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (एस्टीमेट) तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जिससे पूरे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खाली स्थानों को सुव्यवस्थित रूप से विकसित कर जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुषों हेतु पृथक-पृथक शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत मंदिर एवं नदी क्षेत्र के आसपास लगभग 2 लाख पौधे लगाए जाने की योजना है। जिनमें 10 हजार फलदार पौधे शामिल होंगे। इससे बंदरों एवं पक्षियों के लिए प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी तथा क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन भी सुदृढ़ होगा। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों से डीएम ने श्रमदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रमदान की तिथि निर्धारित होने पर उन्हें भी सूचित किया जाए ताकि वे स्वयं भी इस जनभागीदारी अभियान में सहभागी बन सकें। सफाई कार्य में लगे श्रमिकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्थानीय सीएचसी पीएचसी के चिकित्सकों की एक टीम मौके पर उपस्थित रहे। जिससे आवश्यकता पडऩे पर तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को नियमित रूप से क्षेत्र में तैनात रखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, तहसीलदार कसया, तहसील प्रशासन के अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीसी मनरेगा, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य कर्मचारी एवं ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे।
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