रामनाथपुरम,15 मई (आरएनएस)। तमिलनाडु के अरुलमिगु रामनाथस्वामी मंदिर में एक जूनियर असिस्टेंट समेत छह कर्मचारियों को 3 करोड़ 40 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी के आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया है. धोखाधड़ी में मुफ्त लड्डू (मीठा प्रसाद) की बिना इजाजत बिक्री शामिल थी.
2019 से, रामेश्वरम में अरुलमिगु रामनाथस्वामी मंदिर का प्रशासन सीधे प्रसादम (पवित्र भोजन प्रसाद) की बिक्री को प्रबंधित कर रहा है. वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, विधान सभा अनुदान की मांग के तहत भक्तों को रोज़ाना मुफ्ता लड्डू प्रसादम देने की एक स्कीम शुरू की गई थी. यह स्कीम आज भी लागू है.
इसी के तहत, इस साल मार्च में, मंदिर के संयुक्त आयुक्त, चेल्लाथुराई ने लड्डू प्रसादम के उत्पादन और और वितरण से जुड़े अकाउंट्स का औचक निरीक्षण किया. ऑडिट में कई तरह की गड़बडिय़ां और धोखाधड़ी वाली गतिविधियां सामने आईं.
पता चला कि के. पंचमूर्ति, एक जूनियर असिस्टेंट, जो फ्री लड्डू स्कीम शुरू होने के बाद से प्रसादम उत्पादन और बिक्री के ऑफिसर-इन-चार्ज थे, भक्तों को रोज़ाना फ्री में बांटने वाले लड्डुओं की संख्या में धोखाधड़ी से कमी कर रहे थे. फिर उन्होंने इन बदले हुए लड्डुओं को अलग-अलग स्टॉल पर गैर-कानूनी तरीके से बेचकर अपना फायदा कमाया.
इस बात का पता चलने के बाद, संबंधित स्टाफ और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की गई. जांच में यह पुष्टि हुई कि जूनियर असिस्टेंट पंचमूर्ति के नेतृत्व में कर्मचारियों का एक समूह एक बड़े फ्रॉड स्कीम में शामिल था. खास तौर पर, जांच में पता चला कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से लड्डू बनाने के लिए बाहर से थोक में कच्चा माल खरीदा था, जिसे फिर मंदिर के काउंटर के जरिए भक्तों को बेचा गया.
नतीजतन, यह पता चला कि 2023 और फरवरी 2026 के बीच, कुल 11,40,000 लड्डू गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए और काउंटरों के ज़रिए भक्तों को बेचे गए. इस धोखाधड़ी की वजह से 3,40,65,000 रुपये (3 करोड़, 40 लाख, और 65 हज़ार रुपये) की पैसे की हेराफेरी हुई.
मंदिर के जॉइंट कमिश्नर चेल्लाथुराई ने इस धोखाधड़ी में शामिल छह लोगों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं, जिनमें जूनियर असिस्टेंट के. पंचमूर्ति, लावण्या, और अंबिका, टिकट बेचने वाली सेल्वी, अटेंडेंट शिवनेश्वरी और विक्रम शामिल हैं.
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