जौनपुर 17 मई (आरएनएस )। ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में आयोजित “सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ की भूमिका” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं समरसता सम्मान समारोह रविवार को जिला प्रेक्षागृह, कलेक्ट्रेट-जौनपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामशीष ने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। संतों ने सदैव समाज को जोडऩे का कार्य किया है। गोरक्षपीठ की सामाजिक समरसता में बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने यह भी कहा कि चार वर्णों से बढ़कर हजारों जातियों में बंटे समाज को फिर से जोडऩे के लिए समयानुकूल नए सूत्र खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि भारत में पहले लोग धर्म के माध्यम से एक-दूसरे की रक्षा करते थे। खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि गोरखपुर का गोरक्षपीठ आध्यात्मिक दृष्टि से एक प्रमुख केंद्र है और सनातन धर्म को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह ‘प्रिंसूÓ ने कहा कि गोरखपीठ ने समय-समय पर सनातन धर्म को मजबूत करने के साथ समाज में समरसता कायम करने का निरंतर कार्य किया है। संचालन श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 22 लोगों को “समरसता सम्मान” से सम्मानित किया गया। उपस्थित प्रमुख लोगों में पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह , डॉ. कुंवर शेखर, अमिताभ , विजय गुप्ता, धर्मेंद्र, पंकज त्रिपाठी , सुरेश सिंह, पवन कुमार एवं शिवकुमार चैबे शास्त्री उपस्थित रहे।
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