जौनपुर 17 मई (आरएनएस )। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत, जिले की 1 लाख 12 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में कुशल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगी। ये ट्रेनर ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को विभिन्न कौशल सिखाकर उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद करेंगी। उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार लखपति दीदीश् योजना का मुख्य उद्देश्य समूह से जुड़ी महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे प्रति माह 10 से 12 हजार रुपये की आय अर्जित कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनपद में कुल 19 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग ढाई लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। पूर्व में भी इन समूहों की कुछ महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था, जो अब अन्य महिलाओं को कुशल बनाने में सहयोग करेंगी।यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी। कई गांवों में स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है और महिलाओं को विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

