संवर्ग के स्वाभिमान और सांगठनिक मजबूती के लिए पारित हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव, सीपीआरओ पदनाम और ब्लॉक स्तर पर राजपत्रित अधिकारी का पद सृजित करने की उठी मांग।
प्रयागराज 17 मई (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज निदेशालय में आज ‘सहायक विकास अधिकारी पंचायत सेवा संघ उत्तर प्रदेशÓ की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रांतीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के सभी 18 मंडलों और सभी 75 जनपदों के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संवर्ग के हितों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
बैठक के दौरान संवर्ग के विकास, सम्मान और कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति पदनाम में परिवर्तन: सहायक विकास अधिकारी के पदनाम को बदलकर ब्लॉक पंचायत राज अधिकारी किए जाने, एडीपीआरओ पद पर पदोन्नति के लिए अनिवार्य सेवा अवधि को घटाकर 3 वर्ष किए जाने, प्रशासनिक अधिकार: क्षेत्र पंचायत का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाए जाने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव और ब्लॉक स्तर पर संवर्ग की गरिमा के अनुरूप राजपत्रित अधिकार व सुचारू कामकाज के लिए सहायक विकास अधिकारी पंचायत के अधीन लिपिक का पद सृजित करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
इस अवसर पर संगठन की मजबूती में अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व पदाधिकारियों पुर्णेन्दु दिक्षित, जितेंद्र सिंह व अनिल बाजपेयी ने अपने सम्बोधन में सहायक विकास अधिकारी पंचायत संवर्ग को एकजुट होकर अपनी मांगों के लिये संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रांतीय अध्यक्ष, कमल किशोर शुक्ल ने कहा संवर्ग का हित और उनका सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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