बिलासपुर 18 मई (आरएनएस) “होटल, लॉज और फार्महाउस अब सिर्फ ठहरने की जगह नहीं रहेंगे… बिलासपुर पुलिस ने सुरक्षा का डिजिटल शिकंजा कसते हुए साफ कर दिया है कि अब हर मेहमान की एंट्री सीधे पुलिस रिकॉर्ड तक पहुंचेगी, ताकि अपराधियों, संदिग्धों और फरार बदमाशों पर तुरंत नजर रखी जा सके।” बिलासपुर पुलिस ने कानून व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए करीब 110 होटल, लॉज और फार्महाउस संचालकों की अहम बैठक आयोजित की। डीआईजी एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह के नेतृत्व और निर्देशन में हुई इस बैठक में एडिशनल एसपी शहर श्री पंकज पटेल, सीएसपी सिविल लाइन श्री निमितेश परिहार और एसडीओपी कोटा श्रीमती नूपुर उपाध्याय ने होटल संचालकों को “समाधान ऐप” की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने साफ शब्दों में बताया कि अब होटल में ठहरने वाले हर व्यक्ति की जानकारी डिजिटल तरीके से सीधे पुलिस विभाग तक पहुंचाई जाएगी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल निगरानी रखी जा सकेगी और अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी। बैठक में होटल संचालकों को समाधान ऐप डाउनलोड करने, पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने और उसके उपयोग की पूरी विधि समझाई गई। पुलिस अधिकारियों ने निर्देश दिए कि होटल, लॉज या फार्महाउस में ठहरने वाले प्रत्येक अतिथि का वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से सत्यापित किया जाए और उसकी पूरी जानकारी समयबद्ध तरीके से ऐप पर अपलोड की जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि शहर की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। अधिकारियों ने कहा कि कई बार अपराधी, संदिग्ध और फरार आरोपी होटल या लॉज में पहचान छिपाकर रुकते हैं, ऐसे में समाधान ऐप पुलिस को रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराएगा और कार्रवाई को तेज बनाएगा। बैठक में मौजूद संचालकों से पुलिस प्रशासन का सहयोग करने और ऐप का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की गई। बिलासपुर पुलिस ने सभी होटल, लॉज, रिसॉर्ट और फार्महाउस संचालकों के लिए समाधान ऐप डाउनलोड कर हर अतिथि की जानकारी अपलोड करना अनिवार्य बताया है। गौरतलब है कि पुलिस की यह डिजिटल पहल शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ अपराधियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल, बिलासपुर पुलिस का यह हाईटेक कदम साफ संकेत दे रहा है कि अब शहर में बिना पहचान छिपाकर ठहरना आसान नहीं होगा।


