उत्तरकाशी 18 मई (आरएनएस)। विकासखंड के तहत धरासू-जोगत मोटर मार्ग पर हाल ही में हुए डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग करोड़ों की लागत से सड़कों का डामरीकरण तो कर रहा है लेकिन मार्ग पर मौजूद संवेदनशील और खतरनाक स्थलों के स्थायी समाधान की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब एक सप्ताह पूर्व मोटर मार्ग पर डामरीकरण का कार्य कराया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेरी-तुल्याड़ा क्षेत्र के समीप बना बड़ा डेंजर जोन आज भी राहगीरों, ग्रामीणों और वाहन चालकों के लिए खतरा बना है। धरासू पुल से लेकर देवीसौड़ तक सड़क पर डामरीकरण का कार्य किया गया है लेकिन बरसात को देखते हुए ग्रामीणों ने डेंजर जोन के स्थायी उपचार की मांग तेज कर दी है। कनिष्ठ प्रमुख भानुप्रिया थपलियाल, बीजेपी नेता अमित सकलानी ने कहा कि केवल सड़क पर डामर बिछा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा जब तक भूस्खलन प्रभावित और जोखिम वाले क्षेत्रों का वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने के साथ-साथ नेरी-तुल्याड़ा डेंजर जोन के स्थायी समाधान की मांग की है। पीएमजीएसवाई चिन्यालीसौड़ के ईई हरीश बिजल्वाण ने बताया कि दिकोली -नेरी और देवीसौड सड़क साढ़े सात किमी लंबाई में लगभग आठ करोड़ से कार्य पूरा हो गया है। निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ है।
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