ऋषिकेश 18 मई (आरएनएस)। चारधाम यात्रा के लिए आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। यात्रा शुरू करने से पूर्व ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए दिन निकलते ही विभिन्न राज्यों के तीर्थयात्रियों की भीड़ जुट रही है, जिससे यात्रा पर निर्भर परिवहन कारोबारियों के चेहरों पर रौनक है। वहीं, यात्री भी भगवान बदरी-केदार के जयकारों के साथ आस्थापथ पर रवाना हो रहे हैं। सोमवार को चारधाम ट्रांजिट केंद्र में स्थापित 24 रजिस्ट्रेशन काउंटरों सुबह से ही यात्री पंजीकरण के लिए कतारों में दिखे। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद यात्रियों ने केंद्र में हेल्थ स्क्रीनिंग भी कराई। उन्हें केंद्र में संचालित अस्पताल में आवश्यक दवाओं का वितरण भी किया गया। शाम पांच बजे तक 17,651 यात्री चारधाम के लिए पंजीकरण करा चुके थे। जबकि, रजिस्ट्रेशन का क्रम रात तक जारी था। यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि यात्रियों को सुगम रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जा रही है। जरूरत पडऩे पर काउंटरों की संख्या को बढ़ाया भी जा सकता है।
वहीं, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की सोमवार को 50 बसें ऋषिकेश से रवाना हुई, जिनमें 1,629 यात्री सवार थे। अभीतक समिति की 1,033 बसों में 32,116 यात्री धामों के लिए जा चुके हैं। समिति अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था की गई है।
श्रीहेमकुंड गुरूद्वारे में रजिस्ट्रेशन: श्रीहेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए हरिद्वार रोड स्थित गुरूद्वारा श्रीहेमकुंड में सोमवार से श्रद्धालुओं के लिए चार रजिस्ट्रेशन काउंटरों को खोल दिया गया। यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के मुख्य कार्य अधिकारी मनमोहन सिंह और विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने रजिस्ट्रेशन से जुड़ी व्यवस्थाओं को गुरूद्वारे में निरीक्षण भी किया। उन्होंने श्रीहेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट अध्यक्ष सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा से भी मुलाकात की। उन्हें रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी देते हुए जरूरत पडऩे पर काउंटरों की संख्या बढ़ाने का भरोसा भी दिया।
अग्निशमन अधिकारी का निरीक्षण: चारधाम यात्रियों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराने को ट्रांजिट केंद्र में काउंटर स्थापित किए गए हैं। यहां प्रशासन ने यात्रियों के विश्राम और भोजन का भी इंतजाम किया है। स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावे के लिए 12 महिला स्वयं सहायता समूहों स्टॉल दिए गए हैं। इन स्टॉल पर यात्रियों के लिए पहाड़ी व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। सोमवार को अग्निशमन अधिकारी सुनील दत्त तिवारी ने स्टॉलों का जायजा लिया। उन्होंने स्टॉल संचालकों को आग से बचाव संबंधी उपकरण रखने के लिए कहा, जिससे कि आपात स्थिति तत्काल आग पर काबू पाया जा सके। बताया कि अग्निशमन कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी भी ट्रांजिट केंद्र में लगाई जा रही है।
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