0-उकसाने वालों से मांगे पिछले 50 साल का हिसाब किताब
0- वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरों के माध्यम से पहुंचेगा योजनाओं का लाभ लोगों तक
केशव सल्होत्रा
जगदलपुर,19 मई (आरएनएस)। मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को दोपहर बाद एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से रूबरू हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 31 मार्च 26 को बस्तर नक्सल मुक्त होने के बाद वे पहली बार यहां आए हैं। इस दौरान उन्होंने बस्तर की जनता में जो उत्साह और विश्वास देखा है उससे बहुत सुकून मिला है। लोगों में डर का माहौल खत्म हो गया है। दो टूक शब्दों में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश में जितने भी आदिवासी बहुल संभाग हैं उन सब में से बस्तर को सर्वाधिक विकसित संभाग बनाया जाएगा। इसके लिए रोड मैप तैयार हो चुका है पहले चरण में विभिन्न क्षेत्रों के 200 में से 70 कैंपों से वीर शहीद गुंडा धुर सेवा डेरों के माध्यम से विकास आगे बढ़ाया जाएगा। इन डेरों से केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं का फायदा यहां की महिलाओं युवाओं समेत सभी को मिलेगा। बस्तर की जनता को आल्हा करते हुए उन्होंने कहा किसी के बहकावे यहां उकसावे में आने की जरूरत नहीं है यदि ऐसे लोग आते हैं सामने तो उनसे पिछले 50 साल का हिसाब मांगा जाए।
प्रदेश में विगत कांग्रेस की सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान में नहीं किया सहयोग
बस्तर और देश में नक्सल उन्मूलन के बाद डर का माहौल अब खत्म हो गया है। इस मौके पर उन्होंने सीधे-सीधे कांग्रेस पर तंज कसते कहा 13 दिसंबर 2023 में जब यहां छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी तो केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चल रही सरकार ने तालमेल के साथ नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़े स्तर पर मुहिम चलाई। जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। हमारे जांबाज जवानों का बलिदान सर्वोपरि है। वहीं जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से पहले कांग्रेस की सरकार थी। नक्सल उन्मूलन में उनका कोई भी सहयोग,समर्थन नहीं था।
3 लाख 94 हजार खिलाडिय़ों ने लिया था हिस्सा बस्तर ओलंपिक में
नक्सलवाद के खात्मे के बाद यहां के विकास को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य शुरू किया गया है। बस्तर पंडुम से इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हुई थी। पहले चरण में 45 हजार लोगों ने इसमें हिस्सा लेकर अपना विश्वास जताया था। दो बस्तर ओलंपिक हो चुके हैं। जिसमें 3 लाख 94000 खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया था। इसका साफ संदेश था कि यहां के लोग नक्सलवाद से तंग आ चुके हैं और मुख्य धारा के साथ जुडऩे के लिए तैयार है। पत्रकार वार्ता में उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा,आईबी के डायरेक्टर और होम सेक्रेटरी मौजूद रहे।
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