लखनऊ 19 मई (आरएनएस )। अखिलेश यादव ने कहा है कि इस समय भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सबसे बड़ा विपक्ष महंगाई, बढ़ते डीजल-पेट्रोल और गैस सिलेंडर के दाम, अग्निवीर योजना से प्रभावित नौजवान, परेशान किसान और मजदूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में युवाओं के आरक्षण के साथ अन्याय किया और शिक्षामित्रों की उपेक्षा की है। उनके अनुसार, सरकार से पीडि़त, दुखी और अपमानित लोग ही आज वास्तविक विपक्ष हैं।लखनऊ में एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि “जहां भाजपा खत्म होती है, वहीं से पीडीए शुरू होता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के सम्मान और अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना था कि देश में सबसे बड़ी चर्चा महंगाई पर होनी चाहिए, लेकिन भाजपा जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाने में लगी है।उन्होंने पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महंगाई रोकने के बजाय प्रतीकात्मक बातें कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। एक तरफ महंगाई बढ़ रही है तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार चरम पर है और पेपर लीक से युवा तबाह हो रहे हैं।नीट परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि इसे “लीक परीक्षा” कहा जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से देशभर में लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदेश सरकार से भी सवाल किया कि इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दिया गया।अखिलेश यादव ने कहा कि किसान, मजदूर, व्यापारी और आम जनता भाजपा सरकार की नीतियों का खामियाजा भुगत रही है। उन्होंने दावा किया कि सोने के कारोबार पर भी असर पड़ा है और छोटे व्यापारी परेशान हैं। प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है और कई परियोजनाओं में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में लखनऊ और प्रदेश में कई बड़े विकास कार्य हुए। उन्होंने कैंसर संस्थान, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के निवेश, पुलिस व्यवस्था, खेल अवसंरचना और अन्य परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सब समाजवादी सरकार की देन है।महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार ने बेहतर आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की थी, जिसे वर्तमान सरकार ने कमजोर कर दिया।धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अखिलेश यादव ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम” ही सनातन की मूल भावना है और समाजवादी पार्टी सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उन्होंने भाजपा पर समाज में विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।स्मार्ट सिटी, स्मार्ट मीटर और अवसंरचना परियोजनाओं को लेकर भी उन्होंने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। बिजली व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान प्रदेश में कई तापीय विद्युत परियोजनाएं शुरू की गईं और बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने में विफल रही है।अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संयमित भाषा और व्यवहार अपनाने की अपील करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति या समाज को आहत करने वाली भाषा से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को धैर्य और अनुशासन बनाए रखते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पीडीए की एकता से घबराई हुई है और लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने उपचुनावों में मतदान प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष चुनाव की मांग की।एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि इतिहास में जाने का अवसर मिले तो वह महाभारत की युद्धभूमि कुरुक्षेत्र को देखना पसंद करेंगे।
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