लखनऊ 19 मई (आरएनएस )। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि संग्रहालय केवल प्राचीन वस्तुओं को संरक्षित रखने का केंद्र नहीं हैं, बल्कि देश की सभ्यता, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युवाओं को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोडऩा अत्यंत आवश्यक है।
जयवीर सिंह अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय एवं निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों के माध्यम से समाज अपनी ऐतिहासिक धरोहर, कला और संस्कृति को समझ सकता है तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोडऩे में सहायता मिलती है।पर्यटन मंत्री ने बताया कि अवकाश के दिनों में संग्रहालयों में नि:शुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग यहां पहुंचकर प्रदेश की संस्कृति और इतिहास को नजदीक से जान सकें। उन्होंने इस अवसर पर ‘विजिट माय स्टेटÓ अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि यह पहल युवाओं को अपने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार संगीता गुप्ता ने ‘आदियोगी शिव : ए जर्नी इन कॉस्मिक इंडिगोÓ प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए कहा कि नील यानी इंडिगो का भारतीय इतिहास और महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि कला के माध्यम से इतिहास और अध्यात्म को नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय सृष्टि धवन ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 85 हजार विद्यार्थियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया है, जो युवाओं में संग्रहालयों और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों को शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।राज्य संग्रहालय एवं लोक कला संग्रहालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतर विद्यालय निबंध प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और विश्वविद्यालय स्तरीय कैनवास चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सरस्वती विद्यालय कन्या इंटर कॉलेज, लखनऊ की नेहा रावत ने प्रथम, अंबुज ने द्वितीय तथा वैष्णवी यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में बाल निकुंज इंटर कॉलेज, मडिय़ांव के वीरेंद्र प्रथम, भूमि वर्मा द्वितीय और दिव्या वर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं कैनवास चित्रकला प्रतियोगिता में कॉलेज ऑफ आर्ट, लखनऊ के हर्षित शाक्य ने प्रथम, गोयल इंस्टीट्यूट की इशिका यादव ने द्वितीय तथा टेक्नो ग्रुप ऑफ हायर स्टडीज के सर्वजीत ने तृतीय स्थान हासिल किया।कार्यक्रम में विशेष सचिव संस्कृति संजय सिंह, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह, प्रोफेसर राजीव नयन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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