लखनऊ 19 मई (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ्रद्मद्धद्बद्यद्गह्यद्ध ङ्घड्डस्रड्ड1 से मंगलवार को यूपी पीएससी अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अखिलेश यादव ने अभ्यर्थियों को समर्थन देते हुए आश्वासन दिया कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली में कई व्यावहारिक समस्याएं हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा कैलेंडर और परिणामों में लगातार विलंब हो रहा है, जिससे युवाओं का समय और भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों में हर वर्ष 10 से 12 प्रश्नों तक त्रुटियां पाए जाने तथा मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में पारदर्शिता के अभाव की बात भी उठाई गई।अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षाओं के अतिरिक्त लोअर पीसीएस जैसी अन्य परीक्षाओं के परिणाम भी समय पर घोषित नहीं किए जाते, जिससे अभ्यर्थियों को लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए। अभ्यर्थियों ने मांग की कि “एक वर्ष, एक परीक्षा” की समयबद्ध व्यवस्था लागू की जाए तथा प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और त्रुटिरहित बनाया जाए। साथ ही प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अंकपत्र के साथ प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी और अंतिम उत्तर कुंजी जारी करने की मांग रखी गई।मुख्य परीक्षा को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अभ्यर्थियों ने मॉडल उत्तर और परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं छात्र पोर्टल पर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा मुख्य परीक्षा की कॉपी और प्राप्तांक अंतिम परिणाम जारी होने के एक माह के भीतर सार्वजनिक करने की भी मांग की गई।अभ्यर्थियों ने आर्थिक सहायता से जुड़ी मांगें भी उठाईं। उनका कहना था कि प्रत्येक प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही पूर्व की बेरोजगारी भत्ता योजना की तर्ज पर तीन वर्ष तक प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता देने की व्यवस्था लागू की जाए।इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने साक्षात्कार दे चुके अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश के निकायों और भारत सरकार के संस्थानों में उनकी योग्यता के अनुरूप प्राथमिकता देने तथा इच्छुक अभ्यर्थियों को उद्यम और व्यापार शुरू करने के लिए ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में मुकेश यादव, नीतीश कुमार सिंह, पीयूष वर्मा, दुर्गेश यादव, अखिलेश, माधव सिंह, राघवेंद्र सिंह, विशाल सिंह, विकास यादव और वीरेंद्र सिंह सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे।
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