-केला रेशा प्रदर्शन इकाई पर आयोजित सोलर प्रशिक्षण सम्पन्न
अमानीगंज-अयोध्या 19 मई (आरएनएस )। ईंधन के वैश्विक संकट को देखते हुए खेती तथा घरेलू उपयोग के लिए सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग करना चाहिए। भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में सौर ऊर्जा का अहम स्थान होने वाला है। सौर ऊर्जा समय की मांग है। उक्त बातें दी एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट तथा एनआर डीसी इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में तथा ओंकार सेवा संस्थान के संयोजन में अमानीगंज विकास खंड के पूरे दला, खंडासा गांव स्थित केला रेशा प्रदर्शन इकाई पर आयोजित सोलर प्रशिक्षण कार्यक्रम के मंगलवार को समापन सत्र को संबोधित करते हुए एनआरडीसी इंडिया के राना पुजारी ने कही।
टेरी के एसोसिएट फेलो वीवीएस परिहार ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि हरित कौशल, सौर ऊर्जा, जलवायु अनुकूल आजीविका एवं महिला उद्यमिता जैसे विषय ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस प्रशिक्षण के आधार पर टेरी द्वारा अयोध्या क्षेत्र की इन वंचित एवं कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए एक पायलट परियोजना तैयार की जाएगी, जिसका उद्देश्य महिलाओं को हरित आजीविका, सौर ऊर्जा आधारित उद्यमों एवं सामुदायिक स्तर पर टिकाऊ रोजगार अवसरों से जोडऩा होगा। कार्यक्रम को यूपी नेडा अयोध्या के परियोजना अधिकारी प्रभात रंजन शुक्ला ने सरकार की पीएम कुसुम योजना तथा पीएम सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री सिंचाई योजना के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम को एनआर डीसी इंडिया के उत्तर प्रदेश प्रमुख हर्षित गुप्ता आदि ने भी संबोधित किया। समापन सत्र में हिमांशु उर्फ गौरी, उषा मौर्य, रेखा सिंह, अनीता, संगीता मौर्य, मिथिलेश, कामिनी, ज्योति, राकेश कुमारी, नीलम, दुर्गावती, प्रभा ब्रह्मचारी, शिखा सहित सभी प्रशिक्षणार्थी महिलाएं उपस्थित रही।
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