रायगढ़ 19 मई (आरएनएस) मोबाइल की एक क्लिक, तेज रफ्तार की एक गलती और सोशल मीडिया की एक लापरवाही जिंदगी बर्बाद कर सकती है—इसी खतरनाक सच को लेकर रायगढ़ पुलिस ने एनसीसी कैडेट्स के बीच ऐसा जागरूकता अभियान चलाया, जिसने युवाओं को सड़क हादसों, साइबर ठगी, ऑनलाइन शोषण और नशे के खतरों का सीधा आईना दिखा दिया। रायगढ़ के सेंट जेवियर स्कूल बोइरदादर में आयोजित एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-126 में मंगलवार को रायगढ़ पुलिस की विशेष जागरूकता पहल ने कैडेट्स को अनुशासन, सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में 28th BN के कर्नल प्रवीण तेवतिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, एकता और राष्ट्रसेवा ही एनसीसी की असली पहचान है और यही ताकत युवाओं को नेतृत्व, आत्मविश्वास और देशभक्ति से जोड़ती है। उन्होंने कैडेट्स को नशे और गलत संगति से दूर रहकर शिक्षा, खेल और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। वहीं ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने सड़क हादसों की भयावह तस्वीर सामने रखते हुए बताया कि तेज रफ्तार, स्टंटबाजी, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाना, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाना, ओवरलोडिंग, गलत दिशा में गाड़ी दौड़ाना और कम उम्र में वाहन चलाना मौत को न्योता देने जैसा है। उन्होंने साफ कहा कि सड़क पर छोटी लापरवाही भी किसी परिवार की जिंदगी तबाह कर सकती है। डीएसपी ने कैडेट्स को वैध ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता समझाई और ट्रैफिक नियमों को सिर्फ कानून नहीं बल्कि जीवन रक्षा का कवच बताया। कार्यक्रम में साइबर अपराधों पर भी पुलिस ने बेहद गंभीर चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फिशिंग कॉल, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग और साइबर बुलिंग जैसे अपराध तेजी से युवाओं को निशाना बना रहे हैं। कैडेट्स को समझाया गया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करना या लालच में आकर ओटीपी देना सीधे ठगी के जाल में फंसना है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी डर, लालच और फर्जी पहचान के जरिए बच्चों और युवाओं को शिकार बनाते हैं, इसलिए डिजिटल सतर्कता बेहद जरूरी है। जागरूकता कार्यक्रम में पॉक्सो एक्ट और बच्चों की सुरक्षा पर भी संवेदनशील संवाद हुआ, जहां “गुड टच-बैड टच” से लेकर ऑनलाइन उत्पीड़न तक के खतरों को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के साथ अश्लील बातचीत, अनुचित स्पर्श, धमकी, शोषण या ऑनलाइन उत्पीड़न गंभीर अपराध है और ऐसी किसी भी घटना को छिपाने के बजाय तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को बताना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने, अनुशासित जीवन अपनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ भी दिलाई गई। पूरे आयोजन में कैडेट्स का उत्साह देखने लायक रहा। कार्यक्रम में 28th BN के अधिकारी-कर्मचारी, थाना यातायात और थाना साइबर का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश भी साफ था—“जागरूक और अनुशासित युवा ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।” बहरहाल, बदलती डिजिटल दुनिया और बेलगाम ट्रैफिक के दौर में यह जागरूकता अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को खतरे पहचानने और सुरक्षित भविष्य चुनने की मजबूत चेतावनी बनकर सामने आया।


