बिलासपुर 19 मई (आरएनएस) घर में काम करने वाला हर अनजान चेहरा अब सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है और इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए बिलासपुर पुलिस ने शहरवासियों को बड़ा अलर्ट जारी किया है। डीआईजी एवं एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह की ओर से जनहित में जारी अपील में साफ कहा गया है कि कॉलोनियों, अपार्टमेंट्स और मोहल्लों में रहने वाले लोग अपने यहां काम करने वाली घरेलू सहायिका, ड्राइवर, गार्ड, केयरटेकर और बाहर से आकर किराये पर रहने वाले व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन जरूर कराएं, क्योंकि छोटी लापरवाही बड़े अपराध की वजह बन सकती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि संबंधित व्यक्तियों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, स्थायी पता, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज कॉलोनी समिति के अध्यक्ष या सचिव के पास जमा कराना सुनिश्चित करें ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। बिलासपुर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किराएदारों का सत्यापन “समाधान ऐप” के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जाए और संबंधित थाना क्षेत्र में उनकी जानकारी दर्ज कराई जाए। पुलिस का मानना है कि कई बार चोरी, लूट, ठगी और अन्य वारदातों में ऐसे लोगों की भूमिका सामने आती है जिनका कोई सत्यापन नहीं कराया गया होता, इसलिए समय रहते सतर्कता बेहद जरूरी है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि यह सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि पूरे मोहल्ले, परिवार और समाज की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। गौरतलब है कि शहर में लगातार बढ़ती आबादी और बाहरी लोगों की आवाजाही के बीच पुलिस अब सामुदायिक सुरक्षा मॉडल को मजबूत करने में जुटी है, जहां हर नागरिक की सतर्कता अपराध रोकने की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। फिलहाल बिलासपुर पुलिस का यह संदेश साफ है—“सिर्फ ताला लगाना सुरक्षा नहीं, पहचान की पुष्टि ही असली सुरक्षा कवच है।”
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