राजनांदगांव 19 मई (आरएनएस) मोहारा सहकारी समिति में धान खरीदी के नाम पर लाखों के खेल का ऐसा पर्दाफाश हुआ कि सरकारी सिस्टम की परतें खुल गईं—फर्जी सूखत दिखाकर करीब 31 लाख रुपये के 995.68 क्विंटल धान को गायब किया गया और जब जांच टीम पहुंची तो बिना वैध दस्तावेजों के धान की अवैध बिक्री का पूरा खेल सामने आ गया। राजनांदगांव जिले की पुलिस चौकी मोहारा ने इस हाईप्रोफाइल धान गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खरीदार यशवंत उर्फ राजू वर्मा पिता देवलाल वर्मा उम्र 38 साल निवासी ग्राम खैरी, चौकी तुमडीबोड, थाना लालबाग जिला राजनांदगांव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से ग्राम खैरी स्थित मकान से 160 कट्टा अवैध रूप से खरीदा गया धान भी जब्त किया गया है। पूरा मामला सेवा सहकारी समिति मोहारा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हुई धान खरीदी और परिदान में गड़बड़ी से जुड़ा है, जहां सहायक खाद्य अधिकारी डोंगरगढ़ की रिपोर्ट पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि 15 नवंबर 2025 से 13 मई 2026 के बीच समिति प्रबंधक प्रभारी संतोष वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर वेदप्रकाश साहू और अनाधिकृत खरीदार राजू वर्मा ने मिलकर कस्टम मिलिंग नीति 2025-26 का उल्लंघन किया और 995.68 क्विंटल धान को फर्जी तरीके से “सूखत” दिखाकर सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर दी। इस पूरे खेल में शासन को 30 लाख 86 हजार 608 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। विभागीय ऑनलाइन रिपोर्ट के मुताबिक मोहारा उपार्जन केंद्र में कुल 2 लाख 82 हजार 79 बारदानों में 1 लाख 12 हजार 831.60 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई थी, जिसे राइस मिलर्स और संग्रहण केंद्रों को परिदान किया जाना था, लेकिन वास्तविक परिदान 1 लाख 11 हजार 835.92 क्विंटल ही निकला। यहीं से 995.68 क्विंटल धान गायब होने का संदेह गहराया और जांच शुरू हुई। 13 मई 2026 को जांच के दौरान समिति से बिना वैध दस्तावेजों के धान की अवैध बिक्री पकड़ी गई, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक के निर्देशन में मोहारा पुलिस और साइबर सेल ने आरोपी की तलाश तेज की। आखिरकार आरोपी यशवंत उर्फ राजू वर्मा को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने मोहारा समिति प्रबंधन से अवैध रूप से धान खरीदना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मोहारा उप निरीक्षक सुमेंद्र कुमार खरे, साइबर सेल उप निरीक्षक नरेश बंजारे, मोहारा चौकी स्टाफ और साइबर सेल टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल इस धान घोटाले ने सहकारी समितियों में चल रहे गड़बड़झाले पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और साफ संकेत दे दिया है कि सरकारी अनाज में हेराफेरी करने वालों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो चुका है।
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