चंडीगढ़ 20 may, (Rns): पंजाब के राज्यपाल एवं केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता देना केवल दान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है। कटारिया ने कहा कि शिक्षा आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी शक्ति है। राज्यपाल मंगलवार को भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित ‘साक्षरता’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर करीब 450 वंचित एवं मेधावी विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, स्टेशनरी और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गयी।
प्रशासक ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अनुशासित रहने और सफलता के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने चंडीगढ़ के सरकारी विद्यालयों के प्रदर्शन की सराहना की। इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं में सरकारी विद्यालयों का परिणाम 87.25 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 85.2 प्रतिशत से अधिक है। 57 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक और 348 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किये। उन्होंने बताया कि प्रशासन मेधावी विद्यार्थियों के लिए संरचित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू करेगा और उद्योगपतियों का सहयोग लेगा।
राज्यपाल ने भारत विकास परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 में मेधावी विद्यार्थियों के लिए 25 लाख रुपये निर्धारित करने के निर्णय की सराहना की। इसके तहत कक्षा 9वीं, 11वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले पात्र विद्यार्थियों को सहायक पुस्तकें, 5,000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति और व्यक्तित्व विकास सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि 1987 से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में सक्रिय परिषद की साक्षरता परियोजना से 22,000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर वर्ग तक पहुंचे।

