गोण्डा 20 मई। असाध्य नेत्र रोगों को ठीक करने की लोकमान्यता रखने वाले खैरा भवानी मंदिर में हर साल लाखों की संख्या में देवी दुर्गा के भक्त आते हैं,चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां बहुत बड़ा मेला लगता है जहां दूरदराज़ से भक्तजन बड़ी संख्या में आकर खैरा भवानी मंदिर के भीतर स्थापित मां दुर्गा की चमत्कारी प्रतिमा का दर्शन करते हैं। गोण्डा जिला प्रशासन व गोंडा नगरनिगम इन मेलों की व्यवस्था में हर वर्ष जुटते हैं मेला आयोजन और पर्यटन से हर वर्ष करोड़ों रुपए की आय होती है। लेकिन मई के महीने में इसी ऐतिहासिक मंदिर की उपेक्षा देखते नहीं बनती। गोण्डा नगर निगम यहां साफ सफाई का इंतजाम नहीं कर पा रहा है। सुलभ संसाधनों की स्थिति भी राम भरोसे है। खैरा भवानी मंदिर के निकट स्थित प्राचीन पक्के तालाब की सीढिय़ां कई जगह से टूटी और उखड़ी नजऱ आने लगी। तालाब का पानी इतना बदबूदार और गंदा हो चुका है कि यहां आने वाले भक्तजन इस पानी से नहाना भी पसंद नहीं करते। स्थानीय जनता इस मामले में प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से कई बार शिकायत कर चुकी है लेकिन गोण्डा जिले की आध्यात्मिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले महात्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल खैरा भवानी मंदिर की हालत सुधारने की फीक्र किसी को नहीं है। यहां आने वाले भक्त जनों ने जानकारी दी कि किसी भी प्रकार की आंखों की बीमारी होने पर खैरा भवानी मंदिर में धातु या मिट्टी की कृत्रिम आंखें चढ़ाने पर लाइलाज आंखों की बीमारियों ठीक होती देखी गई है। इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी पण्डरी संजय श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे अभी आये है परन्तु साफ सफाई अति आवश्यक है और मंदिर परिसर में जल्द ही सफाई व्यवस्था सुचारू की जायेगी।
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