बेंगलुरु,20 मई (आरएनएस)। कर्नाटक के बेंगलुरु में एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने महाराष्ट्र के एक शख्स को बैन किए गए आतंकी संगठनों से संबंध रखने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई है. आरोप है कि, उसने बैन आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के साथ कथित तौर पर संबंध रखा और युवाओं को कट्टरपंथी गतिविधियों में भर्ती करने की कोशिश की.
एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी हमराज वोर्शीद शेख पर 63 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. दूसरे आरोपी मोहम्मद आरिफ के खिलाफ केस अभी भी अंडर ट्रायल है.
एनआईए के मुताबिक, अप्रैल 2023 में हमराज वोर्शीद शेख और मोहम्मद आरिफ के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था. अपनी जांच पूरी करने के बाद, एजेंसी ने अक्टूबर 2023 में चार्जशीट फाइल की.
ट्रायल की कार्रवाई के बाद, बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने हमराज को दोषी ठहराया और उसे सात साल की सश्रम कैद के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया. जांच करने वालों ने बताया कि हमराज 2019 और 2022 के बीच सऊदी अरब में रहा. इस दौरान, उसने कथित तौर पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लोगों से संपर्क किया और तालिबान और टीटीपी की विचारधारा से प्रभावित हुआ.
जांच में आगे पता चला कि वह ‘हमजालाट नाम के एक ऑनलाइन हैंडलर के संपर्क में था, जो कथित तौर पर चरमपंथी संगठनों से जुड़ा था. कहा जाता है कि हैंडलर ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और चरमपंथी प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए ‘कश्मीर पेज’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल किया था.
एनआईए के मुताबिक, भारत लौटने के बाद, हमराज ने अपने साथी मोहम्मद आरिफ के साथ मिलकर कथित तौर पर तालिबान और टीटीपी की सोच को बढ़ावा देना शुरू कर दिया. दोनों ने कथित तौर पर पैसे और पर्सनल दिक्कतों का सामना कर रहे युवाओं को टारगेट किया और उन्हें संगठन के लिए काम करने के लिए भर्ती करने की कोशिश की.
एनआईए ने कहा कि उसकी जांच में पता चला कि आरोपी टीटीपी में शामिल होने और भारत के खिलाफ ‘जिहाद’ करने के इरादे से अपना ग्रुप बनाने की भी तैयारी कर रहे थे. एजेंसी ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट में जारी है.
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