रायपुर 21 मई (आरएनएस) सड़कों पर शराब पीकर मौत बनकर दौड़ रहे वाहन चालकों पर अब पुलिस का डंडा लगातार भारी पड़ रहा है और बीती रात शहरभर में चले बड़े ड्रंक एंड ड्राइव अभियान में 61 नशेड़ी वाहन चालक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यातायात पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब शराब के नशे में सड़क पर स्टेयरिंग पकड़ना सीधे कानून के शिकंजे में फंसना है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर शहर में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इसी अभियान के तहत इस साल अब तक 3252 शराबी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। 20 मई 2026 की रात एडीसीपी ट्रैफिक डी आर पोर्ते के नेतृत्व में शहर के तेलीबांधा चौक, पचपेड़ी नाका चौक, भांठागांव चौक, टाटीबंध चौक, कालीबाड़ी चौक, जय स्तंभ चौक, भनपुरी चौक और पंडरी थाना के सामने ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलाया गया। अलग-अलग टीमों में तैनात यातायात पुलिस अधिकारियों और जवानों ने देर रात तक वाहनों की जांच की और इस दौरान शराब के नशे में वाहन चलाते हुए 61 चालकों को पकड़ा गया। कार्रवाई में 32 कार चालक, 15 मोटरसाइकिल चालक, 8 टाटा एस चालक, 2 मेटाडोर चालक और 4 ट्रक चालक शामिल रहे। सभी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत चालानी कार्रवाई की गई और अब उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। यातायात पुलिस का कहना है कि यह अभियान किसी आंकड़े या लक्ष्य के लिए नहीं बल्कि सड़क हादसों में कमी लाने और लोगों की जिंदगी बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि शराब पीकर वाहन चलाना सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ना नहीं बल्कि खुद की और दूसरों की जान खतरे में डालना है। रायपुर यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का इस्तेमाल जरूर करें, मोबाइल फोन का उपयोग न करें, स्पीड लिमिट का पालन करें और नाबालिगों को वाहन न चलाने दें। बहरहाल, रायपुर की सड़कों पर चल रहा यह सख्त अभियान अब उन लोगों के लिए सीधा अलार्म बन गया है जो शराब के नशे में सड़क को रेस ट्रैक समझते हैं।


