अयोध्या 21 मई (आरएनएस)। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के स्थापना के 45 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन, संस्कृति और उद्योग विभाग के सहयोग से बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में 21 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित हो रहे चार दिवसीय यूपी महोत्सव में संस्कृति और स्वाद का अनूठा संगम दिखेगा। उक्त जानकारी आर्ट ऑफ लिविंग संस्था अयोध्या चौप्टर के मीडिया प्रभारी दिनेश जायसवाल ने देते हुए बताया कि यह महोत्सव विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के 70 वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर उनकी उपस्थिति में संपन्न होगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले उत्तर प्रदेश की विविध कला, समृद्ध विरासत और वहाँ के सुप्रसिद्ध खान-पानको वैश्विक पटल पर लाना है। प्रदेश के जनपदों से हजारों शिक्षक, स्वयंसेवक, साधक महोत्सव में बेंगलुरु पहुँच रहे हैं। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए यूपी से दो विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है, जो कानपुर, प्रयागराज एवं सतना मार्ग से बेंगलुरु तक संचालित होंगी। बड़ी संख्या में लोग इन विशेष ट्रेनों के माध्यम से आश्रम पहुँचेंगे। महोत्सव के सांस्कृतिक सत्रों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की अनूठी कला देखने को मिलेगी। शास्त्रीय गायन में बनारस घराने के प्रख्यात शीर्ष गायक, पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा जी के सुरों से अध्यात्म का प्रवाह होगा। लोक संगीत: पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव जी अपनी सुरीली आवाज में यूपी के पारंपरिक और माटी से जुड़े लोक गीतों की प्रस्तुति देंगी। कथक नृत्य: भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की डॉ. आरती और उनकी टीम द्वारा कथक की भावपूर्ण और भव्य प्रस्तुति दी जाएगी। ब्रज का रास गीतांजलि जी और उनकी टीम द्वारा भगवान कृष्ण की पावन धरा के जीवंत ब्रज रास का अलौकिक प्रदर्शन किया जाएगा। इस महोत्सव का एक बड़ा आकर्षण उत्तर प्रदेश का समृद्ध और डाइवर्स फूड कल्चर होगा। आगंतुकों को अवध के नवाबी पकवानों से लेकर, बनारस की चाट, ब्रज के पेड़े और यूपी के पारंपरिक स्ट्रीट फूड का प्रामाणिक स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। यह फूड फेस्टिवल लोगों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक कला से रूबरू कराएगा। सांस्कृतिक और फूड फेस्टिवल के साथ-साथ, यहाँ आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा हर आयु वर्ग के लिए विशेष कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। बच्चों और वयस्कों के लिए मानसिक स्वास्थ्य, तनाव मुक्ति, योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया के विशेष सत्र आयोजित होंगे। बच्चों एवं किशोरों के लिए विशेष मेधा योगा, उत्कर्ष योगा, इंस्टीट्यूशन प्रॉसेस आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से फरुर्खाबाद आश्रम के गुरुकुल से लगभग 70 बच्चे इस महोत्सव में भाग लेने के लिए बेंगलुरु आश्रम पहुँचेंगे। बच्चों की सहभागिता इस आयोजन को और अधिक जीवंत, प्रेरणादायी एवं पारिवारिक स्वरूप प्रदान करेगी। महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सेवा, साधना और उत्सव का एक विराट अनुभव होगा, जहाँ देश-विदेश से आए लोग भारतीय आध्यात्मिकता, सामूहिकता और सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव कर सकेंगे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या जनपद से भी ऑट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक कपिल, आनन्द, नलिनी, अनुज के नेतृत्व में श्री श्री के अनुयायी बड़ी संख्या में रवाना होगें।
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